कश्मीर और जनगणना पर संघ की निगाह

कॉर्डिनेशन कमेटी की बैठक में करेंगे मंथन
आर्थिक सुधार और रोजगार पर रहेगा जोर

By: Sharad Sharma

Published: 05 Sep 2019, 02:58 PM IST

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की प्राथमिकता में अब जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे, राम मंदिर के अलावा देश की आगामी 2021 में होेने वाली जनगणना भी है। जनगणना पर संघ का जोर काफी हद तक देश की वर्तमान स्थिति और जातिगत समीकरणों पर नजर रखने के लिए हो सकता है। संघ की कॉर्डिनेशन कमेटी की पुष्कर में आयोजित बैठक में इसे मुख्य ऐजेंडा में शामिल किया गया है। इस पर संघ और सरकार के प्रतिनिधि सामूहिक मंथन करेंगे।

जनगणना पर रहेगा विशेष जोर
गौरतलब है कि देश के गृह मंत्रालय के निर्देश पर रजिस्ट्रार जनरल ने वर्ष २०२१ में देश की जनगणना पर कवायद शुरू कर दी है। इस मामले को आरएसएस अपने मुख्य एजेंडे में शामिल कर रही है। इसके अलावा कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त किए जाने और राम मंदिर पर भी संघ की निगाह है। कॉर्डिनेशन कमेटी में इस पर चर्चा के बाद संघ सरकार को इस पर सुझाव दे सकता है।

मुक्त चिंतन में खुलेंगे मुख
संघ की बैठक में एक मुक्त चिंतन के नाम से सेशन भी होगा जिसमें आरएसएस और भाजपा के प्रतिनिधियों को खुलकर अपने विचार रखने का मौका दिया जाएगा। गौरतलब है कि संघ के इस सेशन से पूर्व भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी खुलकर बोल चुके है कि पीएम के सामने बात रखने वाले नेता की जरुरत है। इस सेशन में संघ से जुड़े नेताओं के बयान पर भाजपा और संघ के बीच तालमेल तय होगा।
माफिक माहौल बनाएंगे
देश में आरएसएस के लिए माफिक माहौल बनाने, सामाजिक परिवर्तन से व्यवस्था में परिवर्तन, आदिवासियों का पलायन, असामाजिक गतिविधियों जैसे मुद्दों पर भी संघ विस्तार से चर्चा करेगा। बैठक में करीब 250 प्रमुख प्रतिनिधियों के भाग लेने की संभावना है। इसमें राष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ महिलाओं और युवाओं पर भी चर्चा की जाएगी। इमसें मुख्य रुप से वर्तमान हालातों में बढ़ रही बेरोजगारी मुख्य मुद्दा होगा। इसके अलावा महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण पर भी बैठक में चर्चा किए जाने की संभावना है।

Sharad Sharma
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