राजस्थान यूनिवर्सिटी का त्यौहारी ऑफर : ना क्लास में जाओ और ना करो पढ़ाई, केवल करो नेतागिरी और बन जाओ लीडर

 

राजस्थान विश्वविद्यालय की कारस्तानी : लिंगदोह कमेटी की सिफारिशें लागू, मगर 75 फीसदी ( 75% Attendance ) हाजिरी का नियम गायब

 

By: Deepshikha Vashista

Published: 13 Aug 2019, 08:15 AM IST

जया गुप्ता / जयपुर. Rajathan Student Union Election-2019 : छात्र राजनीति में भविष्य चाहने वाले युवा आराम से राजस्थान विश्वविद्यालय ( rajasthan university ) से छात्रसंघ का चुनाव लड़ सकते हैं। दरअसल, यहां से चुनाव लडऩे के लिए आपका न तो पढ़ाई में अच्छा होना जरुरी है और न ही कक्षा में उपस्थित होना जरुरी है। बस एडमिशन ले लीजिए, एक भी दिन क्लास में नहीं गए तो भी आराम से छात्रसंघ प्रतिनिधि बन सकेंगे। जी हां, हर साल विश्वविद्यालय ( Higher Education Rajasthan ) और संघटक कॉलेजों में इसी तरह प्रतिनिधि बन रहे हैं।

 

 

दरअसल, राजस्थान विश्वविद्यालय ने नियमों में ढील दे रखी हैं। यूं तो छात्रसंघ चुनाव ( Student Union Election-2019 ) लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के आधार पर ही करवाए जाते हैं। इन सिफारिशों में चुनाव लडऩे के लिए कक्षा में 75 फीसदी उपस्थिति आवश्यक हैं। लेकिन, विश्वविद्यालय ने राजस्थान यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन के संविधान से इसे गायब कर रखा है। छात्रसंघ के संविधान में कक्षा में उपस्थिति पर कोई नियम ही नहीं है।

 


लिंगदोह कमेटी और शिक्षा विभाग की गाइडलाइन में 75 फीसदी हाजिरी जरुरी

लिंगदोह कमेटी ( Lyngdoh Committee ) की सिफारिशों में चुनाव में नामांकन भरने के लिए भी 75 फीसदी हाजिरी होना जरुरी है। वहीं छात्रसंघ चुनाव की जो अधिसूचना कुछ दिन पहले उच्च शिक्षा विभाग ने जारी की है, उसके अनुसार भी यह नियम आवश्यक है।

 

यह अधिसूचना सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को भेजी गई है। जिसमें स्पष्ट लिखा है कि उम्मीदवार की उपस्थिति वह न्यूनतम प्रतिशत जो विश्वविद्यालय की ओर से निर्धारित किया जाए या 75 प्रतिशत हाजिरी, जो भी उच्चतर हो हासिल किया जाना आवश्यक है।

 

आरटीआई से हुआ खुलासा

राजस्थान विश्वविद्यालय की इस कारस्तानी का खुलासा हुआ है सूचना के अधिकार ( RTI ) के तहत मिली जानकारी से। विवि के रिटायर्ड प्रोफेसर आर. बी. सिंह ने चुनाव के विवि से आरटीआई के तहत सूचना मांगी। जिसमें उन्होंने जो पदाधिकारी पिछले वर्ष कॉलेज या विश्वविद्यालय में चुने गए, उनकी प्रवेश से लेकर चुनाव तक यानी कि 31 अगस्त की कक्षाओं में उपस्थिति की जानकारी मांगी।

 

विवि ने संबंधित कॉलेजों व विभागों को पत्र लिख दिए। लेकिन, महारानी कॉलेज को छोड़कर किसी भी कॉलेज व विभाग ने जानकारी नहीं दी। जिसके अनुसार महारानी कॉलेज में जो प्रतिनिधि चुने गए, उन्होंने सत्र शुरू होने से चुनाव होने तक यानी कि करीब दो महीने में एक भी क्लास नहीं ली। उन्होंने चुनाव के लिए न केवल आवेदन किया, बल्कि जीत भी गई। अब कॉलेज की पदाधिकारी हैं।

 

हालांकि विवि ने अपेक्स छात्रसंघ अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों की सूचना नहीं दी है। कई में सूचना के नाम पर लिखा है कि कक्षाएं ही चुनाव के बाद 1 सितम्बर से शुरू हुई।

 

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महारानी कॉलेज में इन पदाधिकारियों ने ये ली कक्षाएं

पद —---— -----------नाम —------— कुल कक्षाएं —---- उपस्थिति

अध्यक्ष —------ -----ऋतु बराला —--- 30 —---— -------0
उपाध्यक्ष —---- ------फातिमा —------14—---— ---------7

महासचिव —--- -----छोटी मीणा —----9—-----— ------- 0


किस कॉलेज ने आरटीआई में क्या दिया जवाब -

अपेक्स छात्रसंघ - अध्यक्ष विनोद जाखड़ व महासचिव आदित्य प्रताप —---— राजस्थानी भाषा विभाग —------— 1 सितम्बर से ही कक्षाएं शुरू हुई

महारानी कॉलेज —--------- सूचना दी गई

कॉमर्स कॉलेज व राजस्थान कॉलेज —---- सूचना कम्पाइल की जा रही है।

फाइव इयर लॉ कॉलेज —--------- 75 फीसदी हाजिरी थी

 

 

- हम जो चुनाव करवाएंगे, राजस्थान यूनिवर्सिटी के संविधान के अनुसार करवाएंगे।

जी पी सिंह, डीएसडब्ल्यू, राजस्थान विश्वविद्यालय

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