सिंडीकेट में खोले गए 205 शिक्षकों के लिफाफे, 100 हुए रिटायर, रात दस बजे के बाद आदेश हुए

राजस्थान विश्व विद्यालय में 205 शिक्षकों को शनिवार को आठ साल के बाद पदोन्नति का तोहफा मिल गया और एसोसिएट प्रोफेसर से प्रोफेसर बनने का ख्वाब देख रहे 100 से ज्यादा वर्किंग टीचर्स का सपना पूरा हो गया। जिन 205 शिक्षकों के लिफाफे खोले गए हैं उनमें से तकरीबन 100 सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इन शिक्षकों के पदोन्नति आदेश रात दस बजे के बाद जारी हुए तब तक शिक्षक कुलपति सचिवालय पर ही जमे रहे।

By: Rakhi Hajela

Updated: 25 Sep 2021, 10:28 PM IST

आठ साल का इंतजार पूरा
हंगामेदार सिंडीकेट बैठक में विवि को मिले 105 शिक्षक
रात दस बजे के बाद आदेश हुए जारी
205 शिक्षकों के लिफाफे खुले, 100 हुए रिटायर
जयपुर।
राजस्थान विश्व विद्यालय में हंगामेदार सिंडिकेट मीटिंग के बाद करीब 205 शिक्षकों को शनिवार को आठ साल के बाद पदोन्नति का तोहफा मिल गया और एसोसिएट प्रोफेसर से प्रोफेसर बनने का ख्वाब देख रहे 100 से ज्यादा वर्किंग टीचर्स का सपना पूरा हो गया। जिन 205 शिक्षकों के लिफाफे खोले गए हैं उनमें से तकरीबन 100 सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इन शिक्षकों के पदोन्नति आदेश रात दस बजे के बाद जारी हुए तब तक शिक्षक कुलपति सचिवालय पर ही जमे रहे।
जानकारी के मुताबिक 24 मार्च 2021 से राजस्थान विश्वविद्यालय के सभी विभागों के एसोसिएट प्रोफेसरों की साक्षात्कार प्रक्रिया शुरू हुई थी जो 12 सितंबर 2021 को पूरी हुई थी। इसके बाद शनिवार को आरयू सिंडिकेट की बैठक में लिफाफे खोलकर शिक्षकों को पदोन्नति दी गई। अब विवि में प्रोफेसर्स की संख्या बढ़कर 109 हो जाएगी क्योंकि वर्तमान में प्रोफेसर्स की संख्या केवल चार ही बची थी।
हंगामेदार रही बैठक
गौरतलब है कि कुलपति सचिवालय में सिंडीकेट की विशेष बैठक हुई थी। बैठक में लंबे समय से लंबित सीएएस के लिफाफे खोलने की कार्यवाही की जानी थी। सुबह तकरीबन 11 बजे शुरू हुई बैठक कर दो सिंडीकेट सदस्यों ने बायकॉट किया और बीच में ही बाहर निकल गए। सिंडीकेट सदस्य और विधायक अमीन कागजी और राज्य सरकार के नॉमिनी रामलखन मीणा बैठक के बीच से ही निकल गए। सिंडिकेट सदस्य मुरारी लाल मीणा बैठक में शामिल नहीं हुए। दरअसल लिफाफे खोले जाने को लेकर सिंडीकेट सदस्यों में आपस में ठनी हुई थी। एक पक्ष लिफाफा खोलना चाहता तो दूसरा सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिफाफे खोले जाने के पक्ष में नहीं था। हालांकि पांच सदस्यों का कोरम पूरा होने के कारण लिफाफे खोले दिए गए। सिंडीकेट में सरकारी प्रतिनिधियों ने यूजीसी 2018 के रेगुलेशन के मसले को लेकर भी विवाद भी बना रहा हालांकि शिक्षकों को कहना था कि ऐसा कोई विवाद नहीं है। वहीं लिफाफे खोले जाने का इंतजार कर रहे शिक्षक भी कुलपति सचिवालय के बाहर बैठक समाप्त होने का इंतजार कर रहे थे।
पदोन्नति आदेश का करना पड़ा इंतजार
सूत्रों के मुताबिक सुबह 11 बजे शुरू हुई सिंडीकेट की बैठक शाम पांच बजे समाप्त हो गई, वित्त नियंत्रक के अवकाश पर होने और परीक्षा नियंत्रक के चले जाने के कारण पदोन्नति के आदेश जारी नहीं हो सके। वहीं दूसरी ओर शिक्षक पदोन्नति आदेश जारी किए जाने की मांग को लेकर कुलपति सचिवालय पर धरना देकर बैठ गए। उनका कहना था कि जब तक आदेश नहीं होते वह यहां से नहीं जाएंगे। रात दस बजे के आदेश किए गए।
आठ साल का इंतजार
गौरतलब है कि वर्ष 2013 में एसोसिएट प्रोफेसरों से पदोन्नति के लिए आवेदन ले लिए गए थे, लेकिन इस पदोन्नति की प्रक्रिया को पूरा करने में आठ साल का समय बीत गया। साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी होने के बाद से ही शिक्षक पदोन्नति के लेटर्स जारी करने की मांग कर रहे थे। पदोन्नति का इंतजार करते हुए करीब 100 से ज्यादा शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सरकार ने विश्वविद्यालय को 30 सितंबर तक सीएएस की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए थेए मार्च से शुरू हुई यह प्रक्रिया पिछले दिनों पूरी हुई थी।
शोध की बढ़ जाएगी सीट
राजस्थान विश्वविद्यालय में सीएएस के लिफाफे खुलने के बाद शोध की गुणवत्ता व शैक्षणिक वातावरण में सुधार होगा। एसोसिएट प्रोफेसर एक साथ 6 विद्यार्थियों को शोध करवा सकता है, जबकि प्रोफेसर 8 को शोध करवा सकता है। सीएएस के लिफाफे खुलने से विवि को 105 नए प्रोफेसर मिल गए हैं इससे शोध की सीटों की संख्या में भी बढ़ोतर होगी।
नेक में होगा फायदा
राजस्थान विश्वविद्यालय का नेक से ए ग्रेड का जो दर्जा मिला हुआ था, वो मार्च में ही समाप्त हो चुका है। विश्वविद्यालय अब फिर से नेक फिर ग्रेड प्राप्त करने के कार्य कर रहा है। आगामी महीनों में नेक की टीम विश्वविद्यालय का दौरा करने के लिए आएगीए उस दौरान विवि में 100 से अधिक प्रोफेसर होंगे। वहीं वर्तमान में मात्र चार ही प्रोफेसर ही हैं। प्रोफेसर बढऩे से विश्वविद्यालय को नेक से ए या फिर ए प्लस का दर्जा मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।

Rakhi Hajela Desk
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