जयपुर शहर को जानवर मुक्त करने के सरकार दो महीने में बनाएगी नियम

(State Goverment) राज्य सरकार ने (Jaipur city) जयपुर शहर में सड़कों पर (Stray animals) आवारा पशुओं व (Ilegal dairies) अवैध डेयरियों के मामले में बुधवार को (Rajasthan Highcourt) हाईकोर्ट को बताया कि दो महीने में शहर को जानवर मुक्त करने और अवैध डेयरियों को शिफ्ट करने संबंधी (Rules) नियम दो महीने में बना देंगे।

By: Mukesh Sharma

Published: 27 Nov 2019, 09:01 PM IST

जयपुर

(State Goverment) राज्य सरकार ने (Jaipur city) जयपुर शहर में सड़कों पर (Stray animals) आवारा पशुओं व (Ilegal dairies) अवैध डेयरियों के मामले में बुधवार को (Rajasthan Highcourt) हाईकोर्ट को बताया कि दो महीने में शहर को जानवर मुक्त करने और अवैध डेयरियों को शिफ्ट करने संबंधी (Rules) नियम दो महीने में बना देंगे। अतिरिक्त महाधिवक्ता अनिल मेहता ने जस्टिस सबीना और जस्टिस अभय चतुर्वेदी की खंडपीठ को बताया कि इस संबंध में 25 अक्टूबर को मुख्य सचिव डीबी गुप्ता की अध्यक्षता में मीटिंग हुई थी। इसमें तय हुआ है कि जयपुर नगर निगम क्षेत्र में नगर पालिका एक्ट 2009 की धारा 337 के तहत अवैध डेयरियों व आवारा पशुओं के संबंध में नियम बनाए जाएंगे और नियम बनाने की प्रक्रिया जारी है और संभावना है कि दो महीने में नियम तैयार हो जाएंगे।

उन्होंने अदालत को बताया कि आवारा पशुओं को चिन्हित कर हटाने व अवैध डेयरियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। शहर के 13 जगहों में आवारा पशुओं को हटाने की कार्रवाई की गई है। 19 अगस्त 2019 से लेकर 21 अक्टूबर 2019 तक 4556 पशुओं को हटाया गया और उन्हें हिंगौनिया गौशाला के पुनर्वास केन्द्र में भेजा गया। मीटिंग में सीएस ने पुलिस विभाग को आवारा पशुओं को सड़कों से हटाने की कार्रवाई में पुलिसकर्मियों की व्यवस्था जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

जयपुर को वल्र्ड क्लास हेरिटेज सिटी बनाने सहित शहर में अवैध निर्माण व सफाई व्यवस्था पर लिए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता विमल चौधरी व योगेश टेलर ने अदालत में कहा कि अदालत ने पूर्व में नगर निगम को शहर को आवारा जानवर मुक्त करने के लिए कहा था। लेकिन अदालती आदेश का पालन नहीं हो रहा है और पिछली तीन सुनवाई से राज्य सरकार यही कह रही है कि आवारा पशुओं व अवैध डेयरियों के संबंध में नियम बना रहे हैं। इसलिए आदेश का पालन करवाया जाए।

गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने दिसंबर 2017 में कहा था कि जयपुर शहर आवारा जानवर मुक्त होना चाहिए। पिछली सुनवाई में अदालत ने जयपुर नगर निगम को दस दिन में शहर में चल रही अवैध डेयरियों को हटाने के निर्देश भी दिए थे।

ट्रैफिक सुधार का काम है जारी-
अदालत को बताया गया कि हाईकोर्ट आदेश के पालन में कमेटी की ओर से दिए गए सुझावों के संबंध में जेडीए सर्किल, रामबाग सर्किल, ओटीएस चौराहा, गोपालपुरा बाईपास मेट्रो, बीटू बाईपास न्यू सांगानेर रोड, रिद्दी-सिद्दी जंक्शन, गर्वमेंट प्रेस, जवाहर सर्किल व कलेक्ट्रेट सर्किल पर ट्रैफिक सुधार के लिए काम शुरू कर दिया है। जेडीए की ओर से भी इन कामों सहित रंबल स्ट्रिप, साइनर्स व अन्य कार्य के लिए पहले चरण में 141.45 लाख रुपए मंजूर कर दिए हैं। इसके अलावा अशोक नगर नाले पर पार्किंग का काम भी पूरा होने वाला है।

Mukesh Sharma
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