जितनी देर मालकिन काम करती है, बाहर इंतजार करता है यह रूसी 'हाचिको'

रूसी शहर कलिनिनग्राद में मेगा शॉपिंग सेंटर के पास से गुजरने वाले लोगों ने हर रोज नीले स्वेटर पहने एक कुत्ते को देखने की आदत डाल ली है जो शांति से ठंडी सड़क पर अपनी मालकिन के काम से लौट आने का इंतजार करता है। उसे रूसी हाचिको करार दिया गया है और यह तुलना वास्तव में कुछ हद तक सही है।

रूसी हाचिको हर दिन एक साफ, धुला हुआ नीला स्वेटर पहनता है, जो यह संकेत देता है कि वह भटका हुआ श्वान नहीं है। लेकिन सिर्फ यह सुनिश्चित करने के लिए कि लोग उसे परेशान नहीं करें, उसकी मालकिन स्वेतलाना नामक एक महिला, हमेशा एक हाथ से लिखी हुई तख्ती उसके गले में लटका देती है, यह समझाने के लिए कि वह अपनी मालकिन का इंतजार कर रहा है ताकि वे एक साथ घर जा सकें। जाहिरा तौर पर, वे कुत्ते को सुबह मेगा शॉपिंग सेंटर के बाहर छोड़ देती है, जहां वह एक अच्छे लड़के की तरह इंतजार करता है।

स्वेटर पहनने वाले पोच ने बीते दिनों कैलिनिनग्राद प्रकाशन क्लॉप्सोव का ध्यान आकर्षित किया, जिनके पत्रकारों ने कहानी जानने के लिए उसके मालिक को तलाशा। स्वेतलाना ने अपने पालतू जानवर का नाम प्रेस को बताने से इनकार कर दिया कि कहीं लोग इसका इस्तेमाल जानवर को लुभाने के लिए न कर बैठें। लेकिन उसने कहा कि वह काम के दौरान बीच बीच में कुत्ते से मिलने जाने रहती है। अपना 40 मिनट का लंच ब्रेक उसके साथ पूरा करती है, उसे खिलाती है और सैर पर ले जाती है। जब वह काम से बाहर निकलती है, तो वे एक साथ वापस घर जाते हैं।

उनका कहना था, 'हम एक किराए के अपार्टमेंट में रहते हैं। मैं उसे अकेला नहीं छोड़ सकता, पड़ोसियों का कहना है कि वह सुबह से शाम तक मेरे बिना नहीं रह सकता। हमारे बगल में एक सात महीने का बच्चा और एक दादी रहती हैं। अगर उन्हें परेशानी हुई तो हमें अपार्टमेंट खाली करना पड़ेगा।' स्वेतलाना ने कहा। 'हमें एक रास्ता मिल गया, अब वह मेरे साथ आता—जाता है और इसमें काफी सहज महसूस करता है।'

विशेषज्ञ इस बात से सहमत हैं कि कुत्ते को घंटों तक बाहर छोड़ने में कोई परेशानी नहीं है क्योंकि यह वास्तव में ठंडे तापमान को बहुत अच्छी तरह से सहन कर सकता है। इतने लंबे समय तक बाहर रहना वास्तव में उसके लिए फायदेमंद है, क्योंकि यह उसे लोगों और अन्य के साथ सहज होने का मौका देता है।

स्वेतलाना अपने पालतू को वफादार और स्मार्ट बताती है। वह हर समय उसके साथ रहना चाहता है, एक ही बिस्तर पर सोता है, और अलार्म घड़ी बंद होने के बाद हर सुबह उसके चेहरे को चाटना शुरू कर देता है। इस रूसी 'हचिको' की कहानी कुछ समय पहले रूस में वायरल हुई और कई भाषाओं में अनुवाद के साथ दुनिया भर में फैल गई थी।

यह था असली हचीको: हचीको एक वफादार जापानी कुत्ता था जो अपने मालिक को रोज स्टेशन लेने छोड़ने जाता था। मालिक की मौत के बाद भी वह पूरी जिंदगी स्टेशन पर उनका इंतजार करता रहा। शिबुआ ट्रेन स्टेशन पर उसकी प्रतिमा भी लगाई गई है।

Amit Purohit Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned