छात्रसंघ चुनाव RESULT 2018 : राजस्थान विश्वविद्यालय के NSUI बागी विनोद जाखड़ ने ली अध्यक्ष पद की शपथ, छात्रहितो के रक्षा का किया वादा

छात्रसंघ चुनाव RESULT 2018 : राजस्थान विश्वविद्यालय के NSUI बागी विनोद जाखड़ ने ली अध्यक्ष पद की शपथ, छात्रहितो के रक्षा का किया वादा

rohit sharma | Publish: Sep, 11 2018 04:36:01 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

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जयपुर ।

राजस्थान विश्वविद्यालय अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के बागी विनोद जाखड़ जीते साथ ही उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय रेणु चौधरी, महासचिव पर निर्दलीय आदित्य प्रताप सिंह संयुक्त सचिव पर एबीवीपी की मीनल शर्मा ने जीत हासिल की।

बता दें कि अध्यक्ष पद पर निर्दलीय विनोद जाखड़ ने 1860 वोट से जीत हासिल की। विश्वविद्यालय में लगातार तीसरी साल निर्दलीय बागी उम्मीदवार ने जीत हासिल की है। साल 2016 और 2017 में भी बागी निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी।

राजस्थान विश्वविद्यालय के अपेक्स अध्यक्ष पद की घोषणा के बाद विश्वविद्यालय के वाईस चांसलर प्रोफेसर आरके कोठारी ने चुनाव में जीते छात्रसंघ अध्यक्ष विनोद जाखड़, उपाध्यक्ष रेणु चौधरी, महासचिव आदित्य प्रताप सिंह झाझड, संयुक्त सचिव मीनल शर्मा को दिलाई दिलाई। विनोद जाखड़ ने मिडिया से रूबरू होते हुए एनएसयूआइ को खुद का परिवार भी बताया।


ऐसे रहे 5 साल के चुनाव परिणाम

राजस्थान के प्रमुख 8 विश्वविद्यालयों के 5 साल के चुनाव परिणामों पर नजर डालें तो अब तक 14 अध्यक्ष एबीवीपी के बने तो, इतनी ही बार एनएसयूआइ ने कब्जा जमाया। इसके अलावा कई मौकों पर एसएफआइ, निर्दलीय व अन्य संगठन ने बाजी मारी। लेकिन इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह चुनाव परिणाम ज्यादा महत्व रखते हैं।

विश्वविद्यालयों में अब तक मुख्य रूप से एबीवीपी व एनएसयूआइ के प्रत्याशियों में ही मुकाबला रहा है। जहां भी निर्दलीय चुनाव जीते हैं। वे मुख्य रूप से इन्हीं दोनों दलों के बागी रहे हैं। टिकट नहीं मिलने पर कई मौकों पर निर्दलीय चुनाव लड़कर उम्मीदवार जीते हैं। ऐसा राजस्थान विश्वविद्यालय में कई बार हो चुका है। पिछले पांच वर्ष में आठ विश्वविद्यालयों में 40 अध्यक्ष चुने गए हैं।

इनमें से 14 एबीवीपी, 14 एनएसयूआइ और 12 अध्यक्ष तीसरे मोर्चे या फिर निर्दलीय रहे हैं। इस साल विधानसभा चुनाव होने के कारण भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों की नजर विशेष रूप से विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनावों पर रही। दोनों ही दलों के बड़े नेताओं ने अपने संगठन के प्रत्याशियों को जिताने के लिए बाहरी रूप से भी अंदरखाने मदद की।


यहां एनएसयूआइ रही हावी

राज्य के आठ विश्वविद्यालयों के चुनावी गणित को देखें तो तीन में एबीवीपी का दबदबा रहा। इनमें कोटा विवि में पांच साल में चार साल एबीवीपी के अध्यक्ष चुनाव जीते। इसी प्रकार बीकानेर के महाराजा गंगासिंह विवि व जोधपुर के जयनारायण व्यास विवि में पांच में तीन-तीन अध्यक्ष एबीवीपी के रहे हैं। उदयपुर संभाग में एनएसयूआइ को बढ़त मिली है। महाराणा प्रताप कृषि प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी विवि में पांच साल में चार बार अध्यक्ष एनएसयूआइ के बने हैं।

 

राजस्थान विवि, जयपुर

2013 एबीवीपी
2014 एनएसयूआइ
2015 एनएसयूआइ
2016 निर्दलीय
2017 निर्दलीय

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