बयाना में सचिन पायलट ने सरकार को पकड़ाया नया 'बयाना'

कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष और राज्य के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बयाना में फिर सत्ता विरोधी बयान देकर राज्य सरकार को एक और नया 'बयाना' (यानी अग्रिम-पेशगी) पकड़ा दिया है।

बयाना (भरतपुर) / जयपुर। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष और राज्य के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने बयाना में फिर सत्ता विरोधी बयान देकर राज्य सरकार को एक और नया 'बयाना' (यानी अग्रिम-पेशगी) पकड़ा दिया है। निकाय चुनाव में बिना सदस्य बने मेयर व सभापति चुनने पर एक बार फिर से पायलट ने अपनी ही सरकार के निर्णय पर सवाल खड़े किए हैं।

पायलट ने कहा कि बिना पार्षद के मेयर बनना गलत है, किसी भी व्यक्ति को सदस्य जरूर होना चाहिए। यह बात उन्होंने मंगलवार को बयाना में पत्रकारों से बातचीत में कही। वे पूर्व विधायक बृजेंद्रसिंह सूपा के निधन पर उनके आवास पर परिजनों को संवेदना व्यक्त करने यहां पहुंचे थे।

-संदेश सही नहीं जा रहा...

पायलट ने कहा कि पहले 2009 में सीधा चुनाव था। जनता के वोटों से चुना गया मेयर था। प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद हमने भी सीधा चुनाव कराने के लिए पार्टी के कार्यकर्ताओं से फीड बैक लिया। मंत्री शांति धारीवाल के नेतृत्व में कमेटी ने निर्णय किया, लेकिन बिना पार्षद बने ही मेयर चुना जाए, यह गलत है। जनता में कांग्रेस पार्टी बैकडोर एंट्री कर रही है। यह संदेश सही नहीं जा रहा है। सरकार को अपने निर्णय पर पुन: विचार करना चाहिए।

-सीएम ने कहा था...पार्टी के फीडबैक को मानेंगे

जनता के वोट लेकर जो सदन में आते हैं, उनकी जिम्मेदारियां जनता के प्रति होती है। जो बिना जनता के मेयर बनेंगे, वह जिम्मेदारियां नहीं समझ सकेंगे। उन्होंने बताया कि गत एक अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने जयपुर में आयोजित अधिवेशन में कहा था कि सरकार वही निर्णय लेगी जो पार्टी का फीडबैक होगा। अब सरकार को ऐसे निर्णय पर एक बार फिर से विचार करना चाहिए।

-सत्ता और संगठन में समन्वय की कमी : बंसल


इस बीच कांग्रेस के प्रदेश सह प्रभारी विवेक बंसल के बयान ने नई बहस छेड़ दी है। बंसल ने कहा है कि विधिवत रूप से सत्ता और संगठन के बीच उतना समन्वय नहीं है, उसमें कहीं न कहीं कुछ कमी है। बंसल ने साफ कहा कि हम जल्द ही इस कमी को दूर कर लेंगे। दरअसल बिना चुनाव लड़े महापौर और निकाय प्रमुख बनाने के फैसले को लेकर उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट लगातार नाराजगी जता रहे हैं। उन्होंने कहा था कि मैं इस निर्णय से सहमत नहीं हूं। ये निर्णय यूडीएच ने अपने स्तर पर लिया है। कैबिनेट और संगठन से इस संबंध में कोई चर्चा नहीं की गई। इस निर्णय से बैकडोर एंट्री को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही कांग्रेस हमेशा लोकतंत्र को मजबूत करने की बात करती है, मगर इस निर्णय से लोकतंत्र को मजबूती नहीं मिलेगी।

-उपचुनाव के नतीजों से हो जाएगा साफ : जोशी

उधर, विधायक और मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कहा कि बंसल ने किस परिप्रेक्ष्य में यह बयान दिया है, मुझे पता नहीं है, लेकिन सत्ता और संगठन में पूरा समन्वय है। उपचुनाव के नतीजों से यह साफ हो जाएगा। फि र भी बंसल ने कोई बयान दिया हैं तो मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री पर इस पर चर्चा कर लेंगे।

sanjay kaushik
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