सीएम ने इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल कर पद की गरिमा को गिराया है-राठौड़

उपनेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री पर चुने हुए विधायकों में दहशतगर्दी का वातावरण बनाने और पुलिस एजेंसियों का अवैधानिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यंत्री अपनी ही पार्टी के 7 वर्ष तक प्रदेश अध्यक्ष रहे सचिन पायलट के विरूद्ध निकम्मा और नकारा जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे है।

By: Umesh Sharma

Published: 20 Jul 2020, 08:36 PM IST

जयपुर।

उपनेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री पर चुने हुए विधायकों में दहशतगर्दी का वातावरण बनाने और पुलिस एजेंसियों का अवैधानिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यंत्री अपनी ही पार्टी के 7 वर्ष तक प्रदेश अध्यक्ष रहे सचिन पायलट के विरूद्ध निकम्मा और नकारा जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे है। प्रतिपक्ष के नेताओं के लिए बेशर्म व तिकड़मबाज जैसे असंसदीय शब्दों का प्रयोग कर मुख्यमंत्री पद की गरिमा को गिराने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि चुने हुए विधायक, सांसद के विरुद्ध पुलिस में किसी भी प्रकरण के दर्ज होने पर गृह विभाग के 23 अप्रेल, 2015 को जारी परिपत्र के अनुसार सीआईडी-सीबी द्वारा ही जांच करने के स्पष्ट प्रावधान हैं। इसके बावजूद एसओजी व एसीबी से अनुसंधान कराकर सरकार अपनी मंशा जाहिर कर रही है।

राठौड़ ने यह भी कहा कि राजनीतिक आदेशों के बावजूद पुलिस अधिकारियों का यह कर्तव्य है कि वे विधि विरूद्ध आदेशों की पालना नहीं करें। यह अपेक्षित था कि एफआईआर के पठन मात्र से धारा 124-ए आईपीसी जैसे जघन्य अपराध का एक भी अवयव प्रकट नहीं होने के बावजूद जिस प्रकार से अलग-अलग तीन प्रकरण दर्ज किए गए हैं, वे विधि के निर्देशों के उल्लंघन में है। यह हैरत अंगेज स्थिति है कि कथित आडियो टेप्स की शुद्धता सुनिश्चित किए बगैर और उसके सोर्स को हासिल किये बगैर अनुसंधान आगे बढ़ाया जा रहा है।जबकि सुप्रीम कोर्ट ने एक प्रकरण में यह निर्धारित किया है कि आवाज टेप करने वाले वॉइस रिकॉर्डर का परीक्षण तभी किया जाएगा जब टेलीफोन टेप करने वाले सोर्स का चिन्हीकरण होगा।

Umesh Sharma Reporting
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