Sand Mafia In Rajasthan: वसुंधरा राजे ने साधा CM गहलोत पर निशाना, बोलीं- 'शर्मनाक! ऐसा घिनौना कृत्य पहले नहीं हुआ'

Sand Mafia In Rajasthan: वसुंधरा राजे ने साधा CM गहलोत पर निशाना, बोलीं- 'शर्मनाक! ऐसा घिनौना कृत्य पहले नहीं हुआ'

Nakul Devarshi | Updated: 14 Jun 2019, 11:47:30 AM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

बजरी माफियाओं का आतंक ( Terror Of Sand Mafia In Rajasthan ): वसुंधरा राजे ( Vasundhara Raje ) ने साधा CM गहलोत ( CM Ashok Gehlot ) पर निशाना

जयपुर।

राजस्थान में सक्रीय बजरी माफियाओं (Sand Mafia In Rajasthan ) और एक के बाद एक हो रही आपराधिक घटनाओं को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ( Former Chief Minister Vasundhara Raje ) ने चिंता और नाराज़गी ज़ाहिर की है। राजे ने गहलोत सरकार ( Ashok Gehlot Government ) की कार्यशैली को कटघरे में रखते हुए जमकर निशाना साधा है। राजे ने प्रदेश में बजरी माफियाओं के आतंक को शर्मनाक बताते हुए ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया जारी की है।

 

राजधानी जयपुर में एक व्यक्ति की बजरी डम्पर से कुचलकर ह्त्या करने का ज़िक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने ये ट्वीट किया है। इसमें लिखा है, '' बजरी माफियाओं के हाथों जयपुर निवासी किशोर सिंह की नृशंस हत्या निंदनीय है। कानूनों को धता बताने का यह घिनौना कृत्य राजस्थान के साथ कभी जुड़ा हुआ नहीं था। क्या भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों के साथ गहलोत शासन में व्यवहार का यही तरीका है? शर्मनाक!''

.... और इधर, बजरी माफिया की फिर दबंगई
टोंक के बनास नदी में अवैध रूप से चल रहे बजरी खननकर्ताओं की दबंगई लगातार बढ़ती जा रही है। निवाई पुलिस उपाधीक्षक अंजुम कायल जाप्ते के साथ बुधवार रात क्षेत्र के जेबाडिय़ा में अवैध खनन पर कार्रवाई करने गए थे। उन्होंने बजरी से भरे करीब 10 ट्रेक्टर-ट्रॉली को रोक लिया, लेकिन गांव के महिला-पुरुष मौके पर पहुंच गए। वे खननकर्ताओं के साथ मिलकर पुलिस कार्रवाई का विरोध करने लगे। इस पर अवैध बजरी से भरे 8 ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक भागने में सफल हो गए। हालांकि पुलिस ने विरोध कर रहे अज्ञात लोगों के खिलाफ के खिलाफ राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज कर लिया।

 

इधर निवाई पुलिस उपाधीक्षक अंजुम कायल ने बताया कि कार्रवाई करने के दौरान विरोध करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अंधेरा अधिक होने से कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई और उन्हें पहचान भी नहीं पाए। फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

 

मुख्यमंत्री के आदेशों की नहीं परवाह, बेरोक-टोक जारी बजरी परिवहन
मुख्यमंत्री के बजरी के अवैध परिवहन को लेकर सख्ती बरतने के आदेश का असर कई शहरों में पूरी तरह नजर ही नहीं आ रहा है। हालांकि पिछले पुलिस विभिन्न इलाकों से बजरी से भरे ट्रक-डम्पर, ट्रेक्टर ट्रॉलियां जब्त जरूर कर रहे हैं, लेकिन बजरी का अवैध रूप से भंडारण एवं परिवहन धड़ल्ले से किया जा रहा है। इसके प्रति खान विभाग, पुलिस एवं प्रशासन सावचेत नजर नहीं आ रहा है।

sand mafia in rajasthan

सूत्रों की मानें तो सुप्रीम कोर्ट की रोक के आदेश के बावजूद टोंक जिले की बनास नदी से विभिन्न रास्तों एवं मिलीभगत के चलते चौमूं तक भारी वाहनों में बजरी का परिवहन करके लाया जा रहा है। यही कारण है कि बजरी बिल्डिंग मैटेरियलों की दुकानों एवं टालों में खुलेआम बेची जा रही है। स्टेशन रोड पर दर्जनभर से अधिक बिल्डिंग मैटेरियल की दुकाने हैं। इसके अलावा जयपुर रोड, रेनवाल रोड, रींगस रोड, मोरीजा रोड समेत विभिन्न स्थानों पर बिल्डिंग मैटेरियल की दुकानें संचालित हैं। सबसे ज्यादा दुकानें स्टेशन रोड पर संचालित हैं। इनमें से अधिकतर दुकानों के बाहर एवं अंदर बजरी के ढेर लगे हुए हैं।

 

खान विभाग ने साधी चुप्पी
पुलिस मुख्यालय जयपुर में अपराधों की समीक्षा को लेकर हुई बैठक में मुख्यमंत्री के सख्त आदेशों के बाद चौमूं पुलिस ने आठ ट्रकों को पकड़कर खान विभाग के हवाले कर दिया था। इसके बाद खान विभाग के कार्मिकों ने ट्रकों पर जुर्माना किया। सूत्रों की मानें तो एक जने के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई, लेकिन खुद खान विभाग के अधिकारियों एवं कार्मिकों की ओर से बजरी माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।

 

धड़ल्ले से हो रहे निर्माण
बुधवार को करधनी थाना क्षेत्र की गंगाविहार कॉलोनी में बजरी से भरा ट्रक लाने पर टोकाटाकी करने पर चालक ने एक जने को कुचलने की घटना के बाद गुरुवार को पत्रिका संवाददाता ने चौमूं नगरपालिका क्षेत्र की कॉलोनियों में जाकर हकीकत जानी तो कई स्थानो पर निर्माण होता मिला। आस-पास के लोग कॉलोनियों में बजरी से भरे ट्रक आने से नाराज जरूर हैं, लेकिन खुलकर सामने आने को तैयार नहीं है। इन निर्माणाधीन भवनों के आस-पास कई-कई ट्रक बजरी के भंडार लगे हुए हैं, लेकिन ताज्जुब की बात है कि अवैध रूप से बजरी का भंडार करने वाले एवं खुलेआम बजरी बेचने वालों के खिलाफ न तो खान विभाग व पुलिस प्रशासन सख्ती बरत रहा है और न ही नगरपालिका प्रशासन।

 

एक ट्रॉली की कीमत सात हजार
पत्रिका संवाददाता ने ग्राहक बनकर स्टेशन रोड स्थित एक बिल्डिंग मैटेरियल संचालक से बातचीत की।
रिपोर्टर: बजरी क्या भाव है?
संचालक- कहां जाएगी। कॉलोनी का नाम बताओ।
रिपोर्टर: कॉलोनी का नाम क्यों पूछ रहे हो?
संचालक- दूरी के हिसाब से पैसे बताऊंगा, किराए समेत।
रिपोर्टर: कौनसी नदी की बजरी है-मासी की या बनास की?
संचालक- मासी की नहीं, बनास नदी की बजरी है। पुराना स्टॉक है। रेत बिल्कुल नहीं है। अन्य जगह आपको रेत मिश्रित बजरी मिलेगी।
रिपोर्टर- आप भाव तो बताओ?
संचालक- 16 इंच वाली ट्रॉली से भरी बजरी सात हजार रुपए की पड़ेगी।
रिपोर्टर- ट्रक कितने का पड़ेगा?
संचालक- ट्रक तो एक लाख के आसपास पड़ेगा।

 

इनका कहना है.........
पिछले तीन दिनों में बजरी से भरे आठ ट्रकों को पकड़ा है। खान विभाग को सूचना दे दी गई थी। वास्तव में यह काम खान विभाग का है। पुलिसकर्मियों समेत अन्य लोगों को पाबंद किया है, जिससे बनास से आने वाले बजरी से भरे ट्रकों पर कार्रवाई की जा सके।
हेमराज सिंह, थानाधिकारी पुलिस थाना चौमूं

 

- बजरी से भरे पांच-छह ट्रकों के खिलाफ कार्यवाही की है, जहां बजरी के भंडार हैं, वहां क्या कार्रवाई करें। कुछ लोग चोरी छिपे बजरी का परिवहन करते है। इनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए नजर रखी जा रही है।
सत्यनारायण कुमावत, एमई, खनन विभाग

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