ओलंपिक की हार का मलाल छोड़ देश के लिए पदक जीतने में फिर जुटीं राजस्थान की सपना पूनिया

ओलंपिक की हार का मलाल छोड़ देश के लिए पदक जीतने में फिर जुटीं राजस्थान की सपना पूनिया

rajesh walia | Publish: Nov, 15 2017 01:37:42 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

जानी-मानी रेसवाकर सपना पूनिया एक बार फिर से देश को गौरव दिलाने के लिए जुट गईं हैं।

 


जानी-मानी रेसवाकर सपना पूनिया एक बार फिर से देश को गौरव दिलाने के लिए जुट गईं हैं। उन्होंने फिलहाल अपने लिए तीन लक्ष्य बनाएं हैं। इनमें अंतर्राष्ट्रीय रेस वॉकिंग चैंपियनशिप, एशियाई वॉकिंग चैंपियनशिप और कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक हासिल करना शामिल हैं। गौरतलब है कि जयपुर की सपना पूनिया ने वर्ष 2016 में ब्राजील के रियो डि जेनेरियो में आयोजित ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक के लिए क़्वालीफाई किया था लेकिन वे वहां 20 किमी पैदल चाल को पूरा नहीं कर सकीं। वे आठ किमी के बाद ही मुकाबले बाहर हो गईं। उस सुनहरे अवसर का मलाल पीछे छोड़ अब एक बार फिर वे कड़ी मेहनत और लगन से तैयारियों में जुट गईं हैं। सपना पूनिया एथलीट होने के साथ ही राजस्थान पुलिस की उप-निरीक्षक भी है।

 


पत्रिका.कॉम से खास बातचीत में सपना ने बताया कि वे फिलहाल पटियाला में ट्रेनिंग कर रहीं हैं। उन्होंने अपने करियर, संघर्ष और साथ ही विवाहित जीवन को लेकर खुलकर बातें शेयर की।

 


उन्होंने बताया की 17 साल की उम्र में उनकी शादी चूरू जिले में रहने वाले अनिल पूनिया से हुई। अनिल भी एक एथलिट रह चुके है। हालांकि पैर में इंजरी के कारण वे अपना खेल जारी नहीं रख सके। अनिल जो खुद नहीं कर पाए उसे पूरा करने के लिए मुझे तैयार किया गया। सपना ने बताया कि उनके सास-ससुर ने उनका बहुत सहयोग किया, कभी बहु के तरह नहीं बल्कि हमेशा बेटी की तरह रखा।

 

 

 

अभी तक नहीं मिली राशि

एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार ने हालांकि उनका काफी सहयोग किया है लेकिन 2016 में ओलिंपिक गेम्स के लिए क्वालियाई करने के दौरान सरकार ने जिस 10 लाख रूपए का इनाम देने की घोषणा की थी वो अभी तक उन्हें नहीं मिली है।

 


जगह बनाना है मुश्किल

सपना बतातीं हैं कि इंडियन टीम में जगह बनाना एक चुनौती की तरह है। यहां बहुत प्रतिस्पर्धा रहती है। आपके सामने इतना कॉम्पीटिशन रहता हैं, इतने प्लेयर्स रहते हैं जो पहले ही मेडलिस्ट होते हैं। ऐसे में उनके सामने खुदको छोटा न मानते हुए अपने गेम पर कंसन्ट्रेट करना और अपना कॉन्फिडेंस हाई लेवल पर रखना ज़रूरी होता है। तभी अपना मुकाम हासिल कर सकते हैं।

 


ससुराल में बेटी की तरह रही

सपना बतातीं हैं कि कई लोग उन्हें पूछते थे कि ''अपने बच्चे को क्यों नहीं संभालती क्या करेगी भाग दौड़कर?'' लेकिन इसपर उनके पति और सास-ससुर ने कभी भी उनको ऐसा महसूस नहीं होने दिया। हमेशा अपनी बेटी की तरह माना और कभी भी किसी चीज़ की कमी नहीं आने दी।

 

 

 

एक नज़र सपना के खिताबों पर:-


1. वर्ल्ड पुलिस गेम्स अमेरिका जीता और, रिकॉर्ड भी बना चुकी हैं।

2. दिल्ली सीनियर ओपन नेशनल

3. 2015 नेशनल गेम्स केरला (गोल्ड )

4. वर्ल्ड चैंपियनशिप चीन में भी भाग लिया

5. एशियाई चैंपियनशिप जापान में भी भाग ले चुकी हैं

 


जैसा की हमारी सहयोगी अदिति यादव दवारा बताया गया।

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