जब जयपुर में सरोज खान 'पालकी में होकर सवार चली रे...'

कोरियोग्राफर सरोज खान के निधन से पिंकसिटी शोक में डूबा गया। शहर के सेलिब्रिटीज के रिएक्शन भी सोशल मीडिया पर आ रहे हैं।

By: imran sheikh

Updated: 03 Jul 2020, 11:50 AM IST

इमरान शेख/जयपुर। 'मोरनी बागां में बोले आधी रात मां...', 'पालकी में होकर सवार चली रे...' सरीखे गीतों पर बॉलीवुड की नायिकाओं को डांस कराने वाली डांस कोरियोग्राफर सरोज खान के निधन से पिंकसिटी शोक में डूबा गया। शहर के सेलिब्रिटीज के रिएक्शन भी सोशल मीडिया पर आ रहे हैं।

सरोज खान के जयपुर के फैंस सोशल मीडिया पर कहते दिख रहे हैं कि आखिर बॉलीवुड को किस की नजर लग गई है। गौरतलब है कि कोरोना महामारी के बीच एक के बाद एक कई सितारे बॉलीवुड ने खो दिए हैं। जिसमें इरफान खान, त्रषि कपूर, वाजिद खान, सुशांत सिंह राजपूत और अब सरोज खान को लेकर यह खबर सामने आई हैं। बता दें कि 71 साल की उम्र में सरोज खान ने गुरुवार देर रात आखिरी सांस ली।

फिल्म 'लम्हे' में लोक-कलाकारों से लिया था बेहतरीन काम
मशहूर रंगकर्मी रमनकृष्ण अत्रे ने बताया कि सरोज खान जैसी हस्ती ने कई नायिकाओं को बॉलीवुड का सिरमौर बनाकर छोड़ा है। उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर फिल्म इंडस्ट्री में एक मुकाम बनाया था। रमनकृष्ण अत्रे ने पुराने दिनों की याद ताजा करते हुए कहा कि यह उन दिनों की बात है जब राजस्थान में यशराज फिल्म के बैनर तले बन रही फिल्म 'लम्हे' की शूटिंग चल रही थी।

मुझे भी फिल्म में काम करने का सौभाग्य मिला। उस वक्त सरोज मैडम के साथ 30 दिनों तक साथ काम करने का मौका मिला। इस बीच 'मोरनी बागां में बोले आधी रात मां...' गाना शूट किया गया। यह गाना छह—सात दिनों तक जैसलमेर में शूट किया गया। इस गाने के लिए लोक कलाकारों का सरोज मैडम ने बेहतरीन तरीके से काम लिया।

हालांकि उस वक्त मुंबई के कलाकारों को राजस्थानी भाषा नहीं आती थीं और लोक कलाकार उनकी भाषा नहीं समझते थे तो सेट पर हमेशा मुझे रहना होता था। ऐसा यश चोपड़ा ने तय किया था और मेरे लिए यह हसीन मौका था। कुछ इस तरह से मुझे लोक कलाकारों के बीच दुभाषिया बनने का अवसर मिला। मैडम सरोज खान को मेरी सादर श्रद्धांजलि।

जयपुर के युवाओं के टैलेंट पर फिदा था दिल
सरोज खान समय-समय पर युवाओं के डांस को परखने के लिए जयपुर आती जाती रहती थी। हाल में उन्होंने पिछले साल जुलाई में एक डांस कॉम्पीटिशन में निर्णायक की भूमिका निभाते हुए युवाओं को डांस के गुर भी सिखाएं थे। उनका मानना था कि जयपुर के युवाओं में टैलेंट भरा पड़ा है बस उन्हें तराशने की जरूरत है।

वे जब भी बच्चों के बीच होती थीं तो सब उन्हें गुरु मां कहकर पुकारा करते थे। जयपुर में उन्होंने युवाओं का खूब उत्साह बढ़ाया था। अनबिटेबल डांस ग्रुप की ओर से डांस जयपुर डांस सीजन-4 के फिनाले में उन्होंने शहर में आखिरी बार शिरकत की थी। शो के संयोजक आशीष कुमार ने बताया कि उस वक्त सरोज खान को बच्चे अपने बीच पाकर खुशी से झूम उठे थे।

कनक वृन्दावन में माधुरी को कराया डांस
बात जयपुर सरोज खान की करें तो उन्होंने कई फिल्मों में अपनी कोरियोग्राफी का लोहा मनवाया। उन्होंने जयपुर में भी नायिकाओं को डांस की बारीकियां सिखाईं। जिनमें कनक वृन्दावन में माधुरी दीक्षित पर फिल्माया गया गीत "पालकी में होकर सवार चली रे..." खासा चर्चित हुआ था।

फिल्म प्रशंसक पवन गोस्वामी ने बताया कि उस वक्त शूटिंग के चलते चारों ओर फैंस की भीड़ एकत्रित हो गई थीं। ऐसे में सरोज खान को काफी करीब से देखने का मौका मिला। वें माधुरी दीक्षित को डांस के गुर बता रही थीं और उन्हें बता रही थी कि पालकी में किस प्रकार सवार हुआ जाता है। सरोज खान के काम के प्रति समर्पण देखकर लगा कि यही चीज उन्हें कामयाबी की बुलंदी पर ले गई।

शहर की इन हस्तियों ने भी दी श्रद्धांजलि
सरोज खान के निधन पर शहर के कथक घराने के मशहूर नर्तक पं.गिरधारी महाराज, नृत्यांगना शशि सांखला, कथक नृत्यांगना प्रेरणा श्रीमाली और शहर के यंग डांसर व कोरियोग्राफर संजय ढाका ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

imran sheikh Desk
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