विधायकों की फोन टेपिंग को लेकर सतीश पूनिया ने सीएम गहलोत से पूछा सवाल

राजस्थान के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया ने कहा है कि राज्य सरकार विधायकों के फोन टेपिंग एवं जासूसी कर रही है तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को उन विधायकों के नाम उजागर करना चाहिए जिनकी फोन टेपिंग हो रही है।

By: santosh

Published: 13 Jun 2021, 02:48 PM IST

जयपुर। राजस्थान के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया ने कहा है कि राज्य सरकार विधायकों के फोन टेपिंग एवं जासूसी कर रही है तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को उन विधायकों के नाम उजागर करना चाहिए जिनकी फोन टेपिंग हो रही है।

सतीश पूनियां ने विधायकों के फोन टेप होने के सरकार पर आरोप लगने के बाद मीडिया से यह बात कही। उन्होंने फोन टेपिंग के सवाल पर कहा कि राज्य सरकार फोन टेपिंग एवं जासूसी कर रही है तो मेरा प्रश्न मुख्यमंत्री से है कि वो विधायक कौन हैं, जिनके फोन टेप किए जा रहे हैं, इस बात को उजागर करें। किसी भी लोकतांत्रिक प्रदेश में इस तरह की कवायद होती है तो उसके सीधे-सीधे दोषी मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री होते हैं, उनको आज नहीं तो कल जनता की अदालत में जवाब देना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि फोन टेपिंग को लेकर कांग्रेस विधायक का बयान मीडिया में देखा, जिसमें वह कर रहे हैं कि कई विधायकों की इस तरह की बातें आई हैं कि फोन टेप हो रहे हैं, जासूसी हो रही है। प्रदेश इन्हीं आशंकाओं के बीच में है, क्योंकि प्रदेश की जनता ने एक वर्ष पहले इसी तरह का नजारा देखा था, जब सरकार 42 दिन बाड़ेबंदी में रही। उपमुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को बर्खास्त करना पड़ा और एक चुनी हुई सरकार 42 दिन बाड़े में बंद रहे और इन्हीं आशंकाओं के बीच कोई विधायक यह आशंका व्यक्त करे कि हमारी जासूसी होती है, फोन टेपिंग होती है, तो मुझे लगता है कि प्रदेश में अघोषित किस्म का आपातकाल लगा दिखता है। हर तरफ सेंसरशिप एवं शंका दिखती है।

एक अन्य सवाल पर पूनियां ने कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार की बुनियाद कमजोर थी। बहुजन समाज पार्टी (बसपा)को अवैधानिक तरीके से मर्ज किया, निर्दलीयों को शामिल किया। हिलते हुए पाए की सरकार थी, सरकार में अंतर्कलह हुआ, उस अंतर्कलह का असर सीधे तौर पर राजस्थान के शासन पर हुआ, जनता के हित के निर्णय नहीं हुए, सभी विकास कार्य ठप पड़े हैं। किसान-युवाओं से वादाखिलाफी की गई। उन्होंने कहा कि ऐसी अस्थिरता के बीच में जब सरकार नैतिक रूप से कमजोर होती है तो कमजोर सरकार कितने दिन चलेगी कोई कह नहीं सकता। अभी फिर से कांग्रेस के अंदर अंतर्कलह दिखा है, वो धुंआ जैसा दिखता है, जहां धुआं होता है वहां आग भी होती है, कमजोर सरकार के यह संकेत मध्यावधि चुनाव की ओर इशारा कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के एक विधायक ने मीडिया से कहा है कि दो-तीन विधायकों ने उनसे कहा है कि उनके फोन टैप हो रहे हैं।

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