ऐसे तो कैसे बचेगी गाय

Save The Cow : सरकार ने गाय में नस्ल सुधार कर किसानों की आय बढ़ाने के लिए वर्ष 2025 तक गाय के शत प्रतिशत कृत्रिम गर्भाधान कराने का टारगेट तय किया है। साथ ही पशुओं को दो तीन बीमारियों से रोग मुक्त करने का लक्ष्य निधारित किया गया है।

By: hanuman galwa

Published: 05 Sep 2019, 07:15 PM IST


ऐसे तो कैसे बचेगी गाय

- 2025 तक गाय का शत-प्रतिशत कृत्रिम गर्भाधान
- देश में अभी है 30 भ्रूण प्रत्यारोपण केंद
- कृत्रिम गर्भाधान में 90 हजार लोगों को रोजगार
- गाय में दूध उत्पादकता को बढ़ाने के होंगे प्रयास
- पशुपालन एवं डेयरी विभाग बनाएगा कार्ययोजना
- नस्ल सुधार के लिए चलेगा देशव्यापी अभियान
- कृत्रिम गर्भाधान से होगी केवल बछिया
- कृत्रिम गर्भाधान से गोवंश को हो सकता खतरा
- गाय के नैसर्गिक गुणों का गड़बड़ा सकता गणित
- 19 करोड़ 90 लाख गोवंश देशभर में
- 14.5 करोड़ किसान हैं भारत में
- 8-10 करोड़ किसान पशुपालन पर निर्भर
- 12 से 15 लाख करोड़ रुपए आय में वृद्धि संभव
- 7 लाख गांवों में चल रहा है गोपालन
- 2019-20 में चलेगा पशु बीमारी मुक्ति अभियान
- 1000 स्मार्ट गोशालाएं बनवा रहा मध्यप्रदेश
- 100 हाईटेक गोशालाएं बनवा रहे हैं कुमार मंगलम बिड़ला

सरकार ने गाय में नस्ल सुधार कर किसानों की आय बढ़ाने के लिए वर्ष 2025 तक गाय के शत प्रतिशत कृत्रिम गर्भाधान कराने का टारगेट तय किया है। साथ ही पशुओं को दो तीन बीमारियों से रोग मुक्त करने का लक्ष्य निधारित किया गया है।
पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन मंत्री गिरिराज ङ्क्षसह और राज्य मंत्री संजीव बालियान का कहना है कि सरकार इन लक्ष्यों को कठिन परिश्रम और लोगों के सहयोग से हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि औसत गाय में दूध उत्पादकता कम है। इसे कृत्रिम गर्भाधान, भ्रूण प्रत्यारोपण और उत्कृष्ट नस्ल के सांड की मदद से बढ़ाया जा सकता है। देश में वर्ष 2012 में हुए पशु गणना के अनुसार 19 करोड़ 90 लाख गाय हैं। देश में करीब 14 करोड़ 5 लाख किसान है। इनमें से करीब आठ से दस करोड़ किसान पशुपालन से जुड़े हैं। अमेरिका की एक कम्पनी के माध्यम से सेक्स साटेड सिमेंन (एसएसएस) कार्यक्रम शुरू किया गया है। इससे केवल बछिया ही पैदा होगी। देश में अभी 30 भ्रूण प्रत्यारोपण केंद्र हैं। इनमें से 11 कार्य कर रहे हैं। पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान और मुंहपक खुरपक तथा ब्रूसलोस बीमारी से मुक्ति से देश में सालाना 12 से 15 लाख करोड़ रुपए की आय बढ़ सकेगी। रोगमुक्त करने का अभियान जल्दी ही शुरू किया जाएगा। देश में सालाना चावल और गेहूं के कुल मूल्य से अधिक कीमत के दूध का उत्पादन होता है। कृत्रिम गर्भाधान कराने के लिए देश में करीब 90 हजार मैत्री कार्यकर्ताओं की नियुक्ति होगी। कृत्रिम गर्भाधान कराने के लिए अभी तक 56 हजार कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया है। अधिक संख्या में ऐसे कार्यकर्ता तैयार करने के लिए पशु विज्ञान कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के संस्थानों में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होगा। सरकार हर गांव में कम से कम एक मैत्री कार्यकर्ता तैयार करना चाह रही है। देश में करीब सात लाख गांव हैं। छोटे -छोटे दो तीन गांवों में एक मैत्री कार्यकर्ता यह काम कर सकते हैं।

hanuman galwa Desk
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