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जयपुर

डरावना सच: प्रदेश में हर वर्ष 3900 से अधिक बच्चों की मौत,यह है बड़ा कारण

चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रति वर्ष अब भी राज्य में करीब चार हजार बच्चों की मौत हो रही है। इन मौतों को कम करने के लिए अब चिकित्सा विभाग ने एक बार फिर कमर कसी है।

जयपुरJun 27, 2024 / 10:50 am

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दो माह मौसम जनजनित चुनौतीपूर्ण

प्रदेश में 2 महीने तक चलेगा अभियान

जयपुर. बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर राजस्थान अब भी पिछड़ा हुआ है। सरकार के कई प्रयासों के बाद भी अब भी राज्य में डायरिया के मरने वाले बच्चों की संख्या डराती है। चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रति वर्ष अब भी राज्य में करीब चार हजार बच्चों की मौत हो रही है। इन मौतों को कम करने के लिए अब चिकित्सा विभाग ने एक बार फिर कमर कसी है। इसके लिए आगामी एक जुलाई से विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत माइक्रो लेवल तक की प्लानिंग की जा रही है।देश की बात की जाए तो पांच साल तक के करीब 5.8 प्रतिशत बच्चों की मौत का कारण डायरिया बताया जा रहा है। चिकित्सा विभाग अब प्रयास कर रहा है कि आने वाले समय में इन आंकड़ों पर पूर्ण रोक लगे।
31 अगस्त तक चलेगा अभियान

राज्य में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग स्टॉप डायरिया अभियान पर फोकस किए हुए है। इसके लिए आगामी एक जुलाई से 31 अगस्त तक स्टॉप डायरिया अभियान चलाया जाएगा। चिकित्सा विभाग का मानना है कि आगामी दो माह मौसम जनित बीमारियों के लिए चुनौतीपूर्ण हैं। फिर भी पूरा प्रयास रहेगा कि इस वर्ष डायरिया से एक भी मौतें नहीं हों। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह का मानना है कि डायरिया नियंत्रण में राजस्थान की स्थिति अन्य राज्यों से बेहतर है।
चिकित्सा विभाग की ओर से ये होंगे 5 प्रमुख प्रयास

1-डायरिया से अधिकांश मौतें आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों, कच्ची बस्ती, पिछड़े क्षेत्रों, बाढ़ या सूखाग्रस्त आदि इलाकों में सामने आती हैं। ऐसे संवेदनशील वर्गों एवं क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां विशेष फोकस के साथ डायरिया रोकथाम गतिविधियों का संचालन होगा।
2-स्कूलों में शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही बच्चों को डायरिया से बचाव को लेकर जागरूक किया जाएगा। विद्यालयों में डायरिया के प्रति जागरूकता के लिए कई गतिविधियों का आयोजन होगा।

3-ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समितियों का भी स्टॉप डायरिया अभियान में सहयोग लिया जाएगा।
4-जलदाय विभाग का मानसून के दौरान पाइपलाइनों में लीकेज के कारण दूषित जल की समस्या के समाधान पर फोकस होगा। ऐसे जल स्रोत जिनका पानी दूषित होने की आशंका रहती है, वहां से जल का उपयोग नहीं किए जाने के प्रयास किए जाएंगे। पेयजल के नमूने लेकर नियमित रूप से जांच की जाए।
5-राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन को ओआरएस एवं जिंक टेबलेट की समुचित व्यवस्था रखेंगे। आशा एवं एनएनएम के माध्यम से घर-घर तक इनका वितरण किया जाएगा।

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