CM गहलोत ने दिए निर्देश, राजस्थान में 18 जनवरी से खुलेंगे स्कूल-कॉलेज एवं कोचिंग सेंटर

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्कूलों में 9 से 12वीं तक की कक्षाओं, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय की अन्तिम वर्ष की कक्षाओं, कोचिंग सेन्टर तथा सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को 18 जनवरी से खोलने के निर्देश दिए हैं।

By: santosh

Published: 06 Jan 2021, 08:28 AM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

जयपुर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्कूलों में 9 से 12वीं तक की कक्षाओं, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय की अन्तिम वर्ष की कक्षाओं, कोचिंग सेन्टर तथा सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को 18 जनवरी से खोलने के निर्देश दिए हैं। वैक्सीनेशन की प्रक्रिया के कारण मेडिकल कॉलेज, डेन्टल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज एवं पैरामेडिकल कॉलेज 11 जनवरी से खोलने के निर्देश भी दिए है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी शिक्षण संस्थानों में प्रत्येक कक्षा में विद्यार्थियों की 50 प्रतिशत उपस्थिति प्रथम दिन तथा शेष 50 प्रतिशत उपस्थिति अगले दिन रहेगी। उन्होंने इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गहलोत मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंस से कोविड-19 की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतरीन प्रबंधन और प्रदेश वासियों के सहयोग से राजस्थान में कोरोना की स्थिति काफी नियंत्रण में है। रिकवरी रेट बढ़कर अब तक की सर्वाधिक 96.31 प्रतिशत हो गई है। कुछ जिलों में पॉजिटिव केस शून्य होने के साथ ही अन्य जिलों में भी स्थिति बेहतर है।

नया स्ट्रेन चिंता का विषय
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और प्रदेश में कोविड-19 का नया स्ट्रेन चिंता का विषय है। इसके प्रति किसी भी तरह की लापरवाही बड़ा संकट खड़ा कर सकती है। इसे देखते हुए इस वायरस से अत्यधिक प्रभावित इंग्लैण्ड सहित अन्य देशों से प्रदेश में आए यात्रियों का कोविड टेस्ट एवं सघन स्क्रीनिंग की जाए। नए स्ट्रेन के कारण इंग्लैण्ड में फिर से लॉकडाउन लगाना पड़ा है। गहलोत ने कहा कि वैक्सीनेशन की तैयारियां मिशन की तरह पूरी की जाएं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि कोरोना के नये स्ट्रेन को लेकर यूके से आए यात्रियों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग एवं स्क्रीनिंग करवाने के साथ ही इनके सैम्पल टेस्ट के लिए दिल्ली स्थित आइसीएमआर लैब में भेजे जा रहे हैं।

कब क्या खुलेगा
- 18 जनवरी से: स्कूलों में 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय की अन्तिम वर्ष की कक्षाएं, कोचिंग सेन्टर व सरकारी प्रशिक्षण संस्थान।
- 11 जनवरी से: वैक्सीनेशन की प्रक्रिया के कारण मेडिकल कॉलेज, डेन्टल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज एवं पैरामेडिकल कॉलेज।

कक्षाओं में यों बैठेंगे बच्चे
शिक्षण संस्थानों की प्रत्येक कक्षा में विद्यार्थियों की 50 प्रतिशत उपस्थिति प्रथम दिन तथा शेष 50 प्रतिशत उपस्थिति अगले दिन रहेगी। इस व्यवस्था का सख्ती से पालन करना होगा।

शिक्षण संस्थानों को सरकार ने दी यह गाइडलाइन
- सोशल डिस्टेंस की व्यवस्था करें, पालना कराएं
- मास्क अनिवार्यत: लगाएं
- अन्य हैल्थ प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखें
- संस्थान का संचालन केन्द्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत ही हो

सरकार देगी प्रशिक्षण
शिक्षकों व बच्चों को कोरोना संक्रमण से बचाने और संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग शिक्षकों को जरूरी प्रशिक्षण देगा।

स्कूलों में ये व्यवस्थाएं होंगी
- सोशल डिस्टेंसिंग की पालना
- थर्मल स्क्रीनिंग करेंगे
- सैनेटाइजेशन

निगरानी का क्या?
निगरानी की व्यवस्था आगामी दिनों में तय की जाएगी।

किसने क्या कहा
अभिभावक: बचाना भी है, पढ़ाना भी है

घर में बच्चे सुरक्षित रहे। अब चिंता हर समय बनी रहेगी। बच्चों को संक्रमण से भी बचाना है और पढ़ाना भी है। सबकुछ इस पर निर्भर रहेगा कि स्कूलों में व्यवस्था किस प्रकार की जाएगी।
- राहुल कुमार, अभिभावक

विद्यार्थी: स्कूल खुलेंगे तो पढ़ाई पूरी होगी
ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे थे मगर क्लास जैसी पढ़ाई नहीं हो रही थी। इस साल बोर्ड परीक्षा देनी है। स्कूल खुलेंगे तो जो टॉपिक रह गए, उन्हें भी पढ़ेंगे।
- शुभम सैनी, छात्र

स्कूल एसोसिएशन: हम पूरा ध्यान रखेंगे
- किशन मित्तल, महामंत्री, स्वयंसेवी शिक्षण संस्थान: स्कूलों में सेनेटाइजेशन का पूरा ध्यान रखेंगे। कोरोना गाइडलाइन की पालना होगी। स्कूल खोलने जरूरी हैं।
- अनिल शर्मा, स्कूल शिक्षा परिवार: अभी बच्चों को वैकल्पिक तौर पर बुलाएंगे। कोशिश रहेगी कि बच्चे खाना घर से खाकर आएं, स्कूल में लंच न हो। थर्मल स्क्रीनिंग, सैनेटाइजर जैसी व्यवस्थाएं होंगी। गाइडलाइन की पूरी पालना होगी।

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