सिक्योरिटी अलर्ट.....हर रोज टूटे 4 घरों के ताले, 24 वाहन हुए चोरी

राजधानी में पिछले 10 माह में अपराध का चिट्ठा: जवाहर सर्किल सबसे कुख्यात, खुले में वाहन खड़ा करते ही हो रहा गायब

By: Abrar Ahmad

Published: 03 Dec 2019, 12:57 AM IST

जयपुर. घर हो सड़क, कहीं भी इंसान सुरक्षित नहीं है। एक मात्र उत्तर जिला है, जहां चोरों से लोग काफी हद तक सुरक्षित हैं। चोरी का तरीका भी इलाकों के अनुरूप अलग-अलग है। पूर्व व दक्षिण जिले में वाहन चोरियों की भरमार है तो उत्तर को छोड़कर तीनों जिलों में घरों में नकबजनी हुई है। आंकड़े बताते हैं कि इस साल के शुरुआती दस महीनों में हर दिन 4 घरों के ताले टूटे तो 24 वाहन चोरी हुए हैं। शहर का जवाहर सर्कल थाना तो वाहन चोरी के मामलों में बदनाम है। यहां खुले में वाहन खड़ा करना खुद-ब-खुद चोरों को दावत देना है। चोरी की जगह भी पता है। इसके बावजूद पुलिस की ओर से सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं।

नकबजनी: परकोटे को छोड़ हर जगह वारदात

परकोटे की खास बात है कि यहां मकान एक दूसरे से सटे हुए हैं। रातभर चहलकदमी भी रहती है। यही कारण है कि यहां घर सुरक्षित है। वहीं पूर्व, पश्चिम और दक्षिण जिलों के तहत आने वाले खुले इलाकों में नकबजनी की भरमार है। प्रताप नगर में 76, मुहाना में 70, कानोता, सांगानेर सदर में 69-69 वारदात हुई हैं। इन इलाकों में वारदात अक्सर होती हैं, लेकिन पुलिस का सुरक्षा का वादा हर बार विफल रहता है। उत्तर जिले में परकोटे के भीतर स्थित थानों में तो नाममात्र की वारदात हैं, जबकि बाहरी थानों में कुछ वारदात हुई हैं।

वाहन चोरी: मॉल्स, पार्क और शिक्षण संस्थान मुख्य निशाना

शहर का पूर्व जिला चोरी के मामलों में सबसे ज्यादा बदनाम है। जवाहर सर्कल थाने में तो वाहन चोरी का आंकड़ा 600 पार कर चुका है। यहां हर साल वारदात बढ़ रही हैं। आकड़ों से पता चला है कि जहां पर मॉल्स, पार्क व शिक्षण संस्थान ज्यादा हैं, वहींवाहन चोरियां ज्यादा होती हैं। र्पािर्र्कंग की समुचित व सुरक्षित व्यवस्था न होने और पुलिस की गैरमौजूदगी के कारण वाहन चोरियां बढ़ी हैं। जवाहर सर्कल में 609, प्रताप नगर में 461 और शिप्रापथ में 405 वाहन चोरी हुए हैं।

चेन, पर्स, मोबाइल...: चोरों ने जमकर मचाया

उत्पात नकबजनी व वाहन चोरी के साथ अन्य कई तरह की चोरी भी हैं, जिन पर पुलिस कभी ध्यान ही नहीं देती है। कभी भीड़ में चेन, पर्स, मोबाइल चोरी हो जाता है तो कभी कार के शीशे तोड़कर लेपटॉप। आजकल को विवाह स्थलों से ही नकदी, जेवरात के बैग चोरी हो रहे हैं। पुलिस ने चेन तोडऩे को तो अब चोरी ही मान लिया है। इन वारदातों को भले ही पुलिस गंभीर नहीं मानती है, लेकिन लोगों की कमाई एक पल में चोरी होने पर उन पर क्या बीतती है, वही जानते हैं। सांगानेर में 186, मुहाना में 155 और झोटवाड़ा में 150 एेसी वारदात हुई हैं।

Abrar Ahmad Desk
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