ऑनलाइन ठगी करने वाले सात बदमाश गिरफ्तार

करणी विहार थाना पुलिस ने एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने वाली गैंग का पर्दाफाश किया हैं। पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े 7 सदस्यों को गिरफ्तार कर ठगी की कई वारदातों का खुलासा किया हैं।

करणी विहार थाना पुलिस ने एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने वाली गैंग का पर्दाफाश किया हैं। पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े 7 सदस्यों को गिरफ्तार कर ठगी की कई वारदातों का खुलासा किया हैं। पूछताछ में सामने आया कि बदमाशों ने अब तक करीब दो हजार से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बना रखा हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से पचास सिम बरामद की हैं।
डीसीपी (पश्चिम) कावेंद्र सिंह सागर ने बताया कि शहर में लगातार एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर ठगी की शिकायते सामने आ रही थी। पुलिस ने सूचना मिलने के बाद एक चाय की थडी पर दबिश दी। इस दौरान कुछ युवक लोगों से मोबाइल पर चैटिंग कर एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर फोन पे एपेटीएम एबैंक पेमेंट के जरिए उनसे पैसा अपने खातों में ट्रांसफर करा रहे थे। जिस पर पुलिस ने आरोपी रावणगेट करधनी निवासी महेंद्र कुमार, रामनिवास, श्याम नगर निवासी त्रिलोकनाथ, दीपक कुमार, गोविंदपुरा करधनी निवासी सूरजमल और कैलाश जाट के साथ ही नागौर निवासी बंशीलाल को गिरफ्तार किया हैं।

इस तरह करते थे ठगी-
आरोपी अंतरराष्ट्रीय साइटों के जरिए लोगों को एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर लड़कियां सप्लाई करने के नाम पर 5 हजार रुपए से 40 हजार रुपए वसूलकर ठगी करते है। इस गिरोह का सरगना कानाराम जाट है जो अपने गिरोह में शामिल करीब 125 सदस्यों को मोटा कमीशन देकर ऑनलाइन ठगी का धंधा करता है । यहीं नहीं गिरोह के सरगना कानाराम ने इस सदस्यों को भारत सरकार से अनुमति का फर्जी स्टांप दिखाकर इस धंधे को वैध दिखा रखा था। पुलिस इस गिरोह के सरगना कानाराम जाट की तलाश कर रही है।

दो हजार लोगों को बनाया ठगी का शिकार-
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने अब तक राजस्थान से बाहर करीब दो हजार लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। आरोपियों ने वेबसाइट एसकेओकेकेए डॉट कॉम जिसका सर्वर सिंगापुर व एलओसीएएनटीओ डॉट कोम का सर्वर शंघाई चीन में है पर काम किया जाता है। वेबसाइट का मुख्य काम वहां के लोगों को ऑनलाइन सूपा एवं मसाज की सर्विस देने का है। सभी लड़के इन दोनों साइटों पर अपनी फर्जी एकाउन्ट बनाकर एसकोर्ट सर्विस का एड देकर चुनिंदा ३२ शहरों में कॉलगर्ल प्रोवाइड करवाने का झांसा देकर अपने एकाउंट में ५ हजार से ४० हजार रुपए तक ऑनलाइन फोनपे, पेटीएम, गूगल पे और एयरटेल पेमेन्ट बैंक के जरिए अपने खाते में डलवा लेते थे और उसके बाद कस्टमर का नम्बर ब्लॉक कर देते थे। वेबसाइट पर विज्ञापन स्वयं कानाराम डालता था। पुलिस मुख्य आरोपी कानाराम की तलाश में जुट गई हैं।

Lalit Tiwari Desk
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