शाहजहांपुर.खेड़ा बॉर्डर पर किसान: श्रीगंगानगर से आए वकीलों ने दिया आंदोलन को समर्थन

शाहजहांपुर.खेड़ा बॉर्डर पर किसान
55 दिन पूरे
बेरी मंडी एसोसिएशन ने भी किसान आंदोलन को समर्थन दिया
त्रिपुरा के पूर्व सांसद जितेंद्र चौधरी भी पंहुचे शाहजहांपुर.खेड़ा बॉर्डर

By: Rakhi Hajela

Published: 05 Feb 2021, 08:26 PM IST


शाहजहांपुर.खेड़ा बॉर्डर (Shahjahanpur: Farmers on Kheda border) पर जारी किसान आंदोलन और संघर्ष (farmer protest) ने शुक्रवार को 55 दिन पूरे कर लिए। शुक्रवार को श्रीगंगानगर से 50 वकीलों का प्रतिनिधिमंडल किसान आंदोलन के समर्थन में पहुंचा और लंगर के लिए 80 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी। इसके अलावा आज आंदोलन में बेरी मंडी एसोसिएशन ने भी किसान आंदोलन को समर्थन दिया व लंगर के लिए ररसद सामग्री लेकर पहुंचे ।
शाहजहांपुर.खेडा बॉर्डर पर आमसभा में किसान नेताओं ने कहा कि खेती.किसानी और पशुपालन पर कानून बनाने का अधिकार केंद्र सरकार को नहीं है, यह संघीय ढांचे के तहत राज्यों का अधिकार क्षेत्र है। केंद्र सरकार अपने कार्यक्षेत्र से आगे बढ़कर संविधान को तोड़कर सारे कानून बना रही है। त्रिपुरा के पूर्व सांसद जितेंद्र चौधरी ने किसानों के समर्थन में शाहजहांपुर बॉर्डर पर किसान मोर्चे में पहुंच कर आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा त्रिपुरा में भी किसानों की लामबंदी कर रहे हैं ताकि आंदोलन को और मजबूती प्रदान की जा सके ।
केरल से आए डीवाईएफआई के साथी जितेश व एसएफआई के साबित ने किसान आंदोलन को अपना समर्थन दिया एवं अपने विचार रखे । रिटायर्ड पुलिस अधिकारी दिलीप जाखड़ भी किसानों के समर्थन में शाहजहांपुर बॉर्डर पहुंचे। इसके अतिरिक्त आज करौली और दौसा जिलों में किसानों की महापंचायत की गई। वहां से भी प्रतिनिधि मंडल शाहजहांपुर बॉर्डर समर्थन के लिए पहुंचा। किसानों ने ये भी कहा कि अगर देश में खेती किसान, रोजगार, व्यापार आदि को बचाना है तो सबसे पहले इन कृषि कानूनों को रद्द करवाना होगा। जैसे ही खेती पर संकट आएगा वैसी ही बेरोजगारी तेजी से बढ़ाना शुरू हो जाएगी,इसलिए इस जनआंदोलन में बढ़ा चढ़ कर भाग लें। आमसभा का समापन रामकिशन महलावत के उद्बोधन के साथ हुआ।

Rakhi Hajela Desk
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