Corona Effect: शिला माता मंदिर में नहीं भरा छठ का मेला, नहीं उमड़े भक्त

मंदिर प्रांगण में पसरा सन्नाटा, कन्या पूजन में भी होगा बदलाव,

By: SAVITA VYAS

Published: 22 Oct 2020, 07:28 PM IST

जयपुर। शारदीय नवरात्र के तहत द्वितीय आश्विन शुक्ल पक्ष षष्ठी गुरुवार को षष्ठी तिथि का पूजन हुआ। इस मौके पर देवी के छठे रूप कात्यायनी का पूजन किया गया। कोरोना के मद्देनजर आमेर स्थित शिला माता मंदिर में छठ का मेला नहीं भरा। इस मौके पर माता के जयकारों की गूंज इस बार सुनी रही। साथ ही पूरे मंदिर प्रांगण में सन्नाटा पसरा नजर आया। पुजारी बनवारी लाल शर्मा ने बताया कि कोरोना के कारण 31 अक्टूबर तक मंदिर बंद रहेगा। आम भक्तों का प्रवेश निषेध रहेगा। सभी अनुष्ठान और पूजा-अर्चना पुजारियों के सान्निध्य में हुए। इस दौरान माता का विशेष शृंगार कर कोरोना से मुक्ति की कामना की। शुक्रवार रात 10 बजे महाष्टमी निमित्त बलिदान निशा पूजन होगी। रविवार को विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा। इस दौरान अबूझ मुहूर्त होने से किसी भी सामान की खरीदारी करना बेहद शुभ रहेगा।

यहां हुए कार्यक्रम

दुर्गापुरा स्थित प्राचीन दुर्गा माता मंदिर में महंत महेन्द्र भट्टाचार्य के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कार्यक्रम हुए। इस मौके पर दुर्गा सप्तशती का पाठ हुआ। श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ मातारानी एवं अखण्ड ज्योत के दर्शन किए। शाम को मातारानी का विशेष शृंगार कर आरितारी की पोशाक धारण कराई जाएगी। झालाना स्थित कालक्या माता मंदिर में भी भक्तों की आवाजाही नजर आई। कनक घाटी स्थित गोविंददेवजी ठिकाने के मनसा माता मंदिर में मातारानी का मोर पंखों से विशेष शृंगार किया गया। आरती के बाद विशेष भोग लगाया गया। आमेर के मनसा माता मंदिर में तांत्रिक पद्धति से देवी का पूजन किया गया।

घर भेंजेंगे कन्याओं के उपहार और भोजन

शारदीय नवरात्र के तहत अष्टमी और नवमी के मौके पर कोरोना के मद्देनजर कन्या पूजन और कन्या भोजन पर भी संशय रहेगा। शुक्रवार और शनिवार को कन्या पूजन होगी। इसके चलते संस्थाएं और शहरवासी कन्याओं के घर पर उपहार और भोजन की व्यवस्था करेंगे। साथ ही दूर से उनका आशीर्वाद लेंगे।

Corona virus
SAVITA VYAS Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned