Chaturdashi : इस दिन जरूर पूरे होते हैं बिजली और अस्त्र—शस्त्र संबंधी काम

पंचांग की चौदहवीं तिथि चतुर्दशी कहलाती है। इसे आमतौर पर चौदस कहते हैं। चंद्रमा की चौदहवीं कला के रूप में इस तिथि के स्वामी भगवान शिव माने जाते हैं। यही कारण है कि चौदस के दिन शिवजी की पूजा की जाती है।

By: deepak deewan

Published: 03 Jul 2020, 05:01 PM IST

जयपुर. सनातन धर्म में हर तिथि का अलग महत्व है. पंचांग की चौदहवीं तिथि चतुर्दशी कहलाती है। इसे आमतौर पर चौदस कहते हैं। चंद्रमा की चौदहवीं कला के रूप में इस तिथि के स्वामी भगवान शिव माने जाते हैं। यही कारण है कि चौदस के दिन शिवजी की पूजा की जाती है।

चतुर्दशी तिथि का ज्योतिष महत्त्व भी है. ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक दीक्षित बताते हैं कि चौदस के दिन शुभ कार्य प्रतिबंधित किए गए हैं. दरअसल यह तिथि रिक्ता तिथियों में शुमार है। इसे क्रूरा भी कहा जाता है। हालांकि दोनों पक्षों की चतुर्दशी तिथि पर भगवान शिव की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन रात्रि में ओमकार मंत्र के जाप करने से अच्छे फल प्राप्त होते हैं।

वैसे तो चौदस के दिन किसी भी तरह के शुभ कार्य वर्जित किए गए हैं पर कुछ ऐसे कार्य भी हैं तो इस तिथि पर शुरू किए जाएं तो वे जरूर पूर्ण होते हैं. ज्योतिषाचार्य पंडित दिनेश शर्मा के अनुसार चतुर्दशी तिथि पर बिजली और अस्त्र—शस्त्र संबंधी काम करना शुभ माना जाता है। दरअसल इस दिन कोई भी कठोर या कठिन कार्य शुरू करना शुभ माना गया है. इसलिए विद्युत संबंधी काम, अग्नि से सम्बन्धित काम, हथियारों का निर्माण या उनका परीक्षण करने जैस काम इस तिथि पर किए जा सकते हैं।

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