स्कूलों ने चहेते बच्चों पर 'फुल' कृपा बरसाई, लेकिन काम न आई

Priyanka Yadav

Publish: Jun, 14 2018 11:50:14 AM (IST)

Jaipur, Rajasthan, India
स्कूलों ने चहेते बच्चों पर 'फुल' कृपा बरसाई, लेकिन काम न आई

स्कूल ने सत्रांक में भेजे पूरे नंबर, मगर लिखित परीक्षा में बच्चे हो गए फेल, निजी के ज्यादा मामले

जयपुर. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से आयोजित 10वीं की परीक्षा में कई स्थानों पर स्कूलों ने जमकर कृपा बरसाई, मगर फिर भी ये कई छात्रों के काम नहीं आई। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 10वीं के नतीजे चौंकाने वाले है स्कूल ने सत्रांक में भेजे पूरे नंबर, मगर लिखित परीक्षा में बच्चे हो गए फेल और परीक्षा के हाल ही आए नतीजे में यह बात सामने आई है की स्कूलों ने छात्रों के सत्रांक पूरे भेजे, मगर अनेक छात्र लिखित परीक्षा में पास होने लायक नंबर भी नहीं ला पाए। कई छात्र तो सारे विषयों में कुल मिलाकर दहाई का अंक नहीं छू पाए। ऐसे बहुत से केस है जिसमें माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 10वीं के नतीजे चौंकाने वाले हैं। अधिकांश मामले निजी स्कूलों के हैं।

 

 

स्कूल ने भेजे 120 नंबर, लिखित परीक्षा में आए केवल 7

केस 1: नागौर के लाडनूं ब्लॉक के एक छात्र के सत्रांक स्कूल ने 120 में से 120 भेजे। जबकि छात्र के लिखित परीक्षा में सारे विषयों को मिलाकर केवल सात नंबर आए। छात्र के कुल 127 नबंर आए। वह फेल हुआ।

केस 2: जयपुर के एक निजी स्कूल ने भी छात्र के सत्रांक हर विषय में 19 या 20 भेजे। इस प्रकार छात्र के सत्रांक 1117 भेजे गए। मगर छात्र के लिखित परीक्षा को मिलाकर 150 नंबर ही आए। छात्र फेल हुआ।

केस 3: अजमेर जिले के शहरी क्षेत्र में एक स्कूल ने छात्र के सत्रांक 119 भेजे। वहीं छात्र के मुख्य परीक्षा के दौरान कुल नंबर 200 से भी कम आए। इसमें छात्र पास नहीं हो पाया।

 

 

12वीं में भी ऐसे मामले

12वीं कक्षा के परिणाम में भी ऐसे ही मामले मिले थे। स्कूलों ने विज्ञान जैसे विषय में छात्रों को प्रायोगिक सत्रांक में पूरे नंबर भेजे मगर छात्र लिखित परीक्षा में 33 फीसदी नंबर भी नहीं ला पाए।

वासुदेव देवनानी, शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के कुछ मामले सामने आए हैं। इनकी जांच करेंगे। भविष्य में कार्यवाही करेंगे।

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