शिवालयों में सजी विशेष झांकियां, लोगों ने किया दान—पुण्य

श्रावण अमावस्या (Shravan Amavasya) पर सोमवार को गुरु और शुक्र के षडाष्टक योग के बीच हरियाली (सोमवती) अमावस्या (Hariyali (Somvati) Amavasya) मनाई गई। लोगों ने दान—पुण्य किया, वहीं महिलाओं ने कॉलोनियों के छोटे मंदिरों में ठाकुरजी के 108 परिक्रमा लगाई। शहर के झाडखंड महादेव, ताडकेश्वर महादेव सहित अन्य प्रमुख शिवालयों में विशेष झांकियां सजाई गई।

By: Girraj Sharma

Updated: 20 Jul 2020, 08:32 PM IST

शिवालयों में सजी विशेष झांकियां, लोगों ने किया दान—पुण्य

— गुरु और शुक्र के षडाष्टक योग के बीच मनाई हरियाली अमावस्या

जयपुर। श्रावण अमावस्या (Shravan Amavasya) पर सोमवार को गुरु और शुक्र के षडाष्टक योग के बीच हरियाली (सोमवती) अमावस्या (Hariyali (Somvati) Amavasya) मनाई गई। लोगों ने दान—पुण्य किया, वहीं महिलाओं ने कॉलोनियों के छोटे मंदिरों में ठाकुरजी के 108 परिक्रमा लगाई। शहर के झाडखंड महादेव, ताडकेश्वर महादेव सहित अन्य प्रमुख शिवालयों में विशेष झांकियां सजाई गई। वहीं शहर आराध्य गोविंददेवजी मंदिर में पार्थिव शिवलिंग पूजन और अभिषेक का आयोजन हुआ। घाट की गूणी स्थित नाहरसिंह भौमियाजी महाराज के विशेष श्रृंगार किया गया। शहर में कई जगहों पर लोगों ने पौधारोपण कर उनकी देखभाल का संकल्प भी लिया।
क्वींस रोड स्थित झाडखंड महादवे मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को महादेवजी के सुबह और शाम को विशेष झांकियां सजाई गई। सुबह फूल और पत्तों की हरियाली झांकी सजाई गई, वहीं शाम को फूल बंगला झांकी के दर्शन कराए गए। झाडखंड महादेव का फूलों से आकर्षक श्रृंगार किया गया। वहीं चौडा रास्ता स्थित ताडकेश्वर महादेव मंदिर में सुबह बाबा के विशेष फूलों की झांकी सजाकर विशेष श्रृंगार किया गया। शाम को ताडक बाबा को खस के बंगले में विराजमान किया गया। दोनेां प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद रहा। भक्तों ने आॅनलाइन ही झाडखंड महादेव और ताडकेश्वर महादेव के दर्शन किए।
शहर के आराध्य गोविंददेवजी मंदिर स्थित सत्संग भवन में पार्थिव शिवलिंग पूजन का आयोजन किया गया। महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में पार्थिव शिवलिंग का पूजन कर अभिषेक किया गया। लोगों ने आॅनलाइन अभिषेक के दर्शन किए।
आमागढ़ की पहाड़ी स्थित नाहरसिंह बाबा मंदिर में कोविड 19 के चलते मेला नहीं भरा। मंदिर पुजारियों की ओर से सुबह बाबा का पंचामृत अभिषेक कर चौला चढ़ाया गया। बाबा को चूरमे, खीर और अन्य पकवानों का भोग लगाया गया। शाम को बाबा का विशेष श्रृंगार किया गया। मंदिर में फूल बंगला झांकी सजाई गई। शहर के अन्य भौमियांजी मंदिरों में विशेष झांकियां सजाई गई। इस बार कोविड—19 के चलते मेले के आयोजन नहीं हो पाए। वहीं घाट की गूणी स्थित नाहरसिंह भौमियांजी मंदिर में विशेष झांकी सजाई गई।

Girraj Sharma Desk
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