धनिष्ठा नक्षत्र युक्त गज केशरी योग में रक्षा बंधन का त्योहार

श्रावण शुक्ल पूर्णिमा (Shravan Shukla Purnima) पर 22 अगस्त को रक्षा बंधन का त्योहार (festival raksha bandhan) मनाया जाएगा। इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं होने से दिनभर राखी बंध सकेगी। वहीं रक्षा बंधन पर इस बार शोभन योग के साथ ही 474 साल बाद धनिष्ठा नक्षत्र युुक्त गजकेसरी योग बनेगा। सात ग्रहों का केन्द्र योग भी बनेगा, जेा रक्षाबंधन के पर्व में शुभ संयोग लेकर आएंगे।

By: Girraj Sharma

Updated: 21 Aug 2021, 07:08 PM IST

धनिष्ठा नक्षत्र युक्त गज केशरी योग में रक्षा बंधन का त्योहार

— रक्षा बंधन का त्योहार
— इस बार राखी पर भद्रा का साया नहीं
— शोभन योग और राज योग का संयोग भी

जयपुर। श्रावण शुक्ल पूर्णिमा (Shravan Shukla Purnima) पर 22 अगस्त को रक्षा बंधन का त्योहार (festival raksha bandhan) मनाया जाएगा। इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं होने से दिनभर राखी बंध सकेगी। वहीं रक्षा बंधन पर इस बार शोभन योग के साथ ही 474 साल बाद धनिष्ठा नक्षत्र युुक्त गजकेसरी योग बनेगा। सात ग्रहों का केन्द्र योग भी बनेगा, जेा रक्षाबंधन के पर्व में शुभ संयोग लेकर आएंगे।

ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन धनिष्ठा नक्षत्र शाम 7 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। कुंभ राशि में बृहस्पति चल रहा है, रक्षाबंधन के दिन सुबह 7 बजकर 57 मिनट पर कुंभ राशि में चन्द्रमा भी प्रवेश करेगा, जिससे बृहस्पति और चन्द्रमा की कुंभ राशि में युति बनने से गज केसरी योग का निर्माण होगा। ऐसे में रक्षाबंधन के दिन धनिष्ठा नक्षत्र युक्त गज केशरी योग लंबे समय बाद बन रहा है, जो सौभाग्य और सुख समृद्धि दायक रहेगा।

यूं बनेगा सात ग्रहों का केन्द्र योग

रक्षा बंधन के दिन 9 ग्रहों में से सूर्य, चन्द्रमा, मंगल, बुध, गुरु, राहु और केतु ग्रहों का केन्द्र योग भी बनेगा। सिंह राशि में सूर्य, मंगल और बुध ग्रह रहेंगे। वहीं कुंभ राशि में चन्द्रमा और बृहस्पति रहेंगे। वृष राशि में राहु में रहेंगे। इनसे केन्द्र योग बनेगा।

भद्रा सुबह 6.16 बजे तक ही, इसके बाद बंधेंगी राखी
ज्योतिषाचार्य डॉ. रवि शर्मा ने बताया कि श्रावण शुक्ल पूर्णिमा रविवार को शाम 5 बजकर 32 मिनट तक रहेगी। शास्त्रों के अनुसार रक्षा बंधन का पर्व भद्रा रहित तीन मुहूर्त से अधिक होने वाली पूर्णिमा के दिन प्रदोष काल और अपरान्ह काल में मनाने का उल्लेख है। रक्षा बंधन के दिन रविवार को भद्रा सुबह 6 बजकर 16 मिनट तक रहेगी। इसके बाद भद्रा रहित पूर्णिमा होने से पूरे दिन रक्षाबधंन मनाई जाएगी।

राखी बांधने के श्रेष्ठ मुहूर्त
— अपराह्न काल — दोपहर 1.43 बजे से शाम 4.20 बजे तक
— प्रदोष काल — शाम 6.54 बजे से रात 9.08 तक

श्रेष्ठ चौघडिए
— चर, लाभ व अमृत — सुबह 7.41 बजे से दोपहर 12.30 बजे
— शुभ का चौघडिया — दोपहर 2.06 बजे से 3.42 बजे तक
— अभिजित मुहूर्त — दोपहर 12.04 से 12.55 बजे तक रहेगा

ये रहेंगे योग

— पूर्णिमा तिथि, रविवार, धनिष्ठा नक्षत्र, शोभन योग, राज योग
— राजयोग सूर्योदय से शाम 5.32 बजे तक
— शोभन योग सुबह 10.33 बजे तक रहेगा
— धनिष्ठा नक्षत्र शाम 7.39 बजे तक

राखी बाजार में उल्लास

शहर के राखी बाजार में इस बार उल्लास नजर आ रहा है। नाहरगढ़ रोड, झालानियों का रास्ता, चांदपोल बाजार, किशनपोल बाजार, त्रिपोलिया बाजार सहित अन्य बाजारों और गलियों में राखियों की दुकानों पर सुबह से देर शाम तक ग्राहकी हो रही है। बाजार में 5 रुपए से लेकर 200 रुपए तक राखी बिक रही है। झालानियों का रास्ता के दुकानदार श्याम मोदी ने बताया कि पिछले साल 30 फीसदी ही राखी बाजार में ग्राहकी हुई, जो इस बार 70 फीसदी से अधिक की ग्राहकी हुई। बाजार धीरे—धीरे फिर से गति पकड़ रहा है।

Girraj Sharma Desk
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