Agahan Month Story इसी माह में कश्यप ऋषि ने की थी कश्मीर की रचना, जानिए श्रीकृष्ण ने कैसे बताई मार्गशीर्ष की महत्ता

मार्गशीर्ष मास को धार्मिक दृष्टि से सबसे पवित्र माना जाता है। हिन्दू पंचांग में इसे अगहन मास भी कहा जाता है। वैसे तो हर माह की अलग—अलग विशेषताएं हैं लेकिन मार्गशीष की बात ही कुछ अलग है। यह इतना विशेष है कि इसे सर्वोत्तम माह कहा गया है। अगहन या मार्गशीर्ष माह में श्रीकृष्ण की पूजा का विधान है।

By: deepak deewan

Published: 30 Nov 2020, 08:34 PM IST

जयपुर. मार्गशीर्ष मास को धार्मिक दृष्टि से सबसे पवित्र माना जाता है। हिन्दू पंचांग में इसे अगहन मास भी कहा जाता है। वैसे तो हर माह की अलग—अलग विशेषताएं हैं लेकिन मार्गशीष की बात ही कुछ अलग है। यह इतना विशेष है कि इसे सर्वोत्तम माह कहा गया है। अगहन या मार्गशीर्ष माह में श्रीकृष्ण की पूजा का विधान है।

ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि स्वयं श्रीकृष्ण ने मार्गशीर्ष माह की महिमा का बखान किया है. श्रीमदभागवत गीता में उन्होंने मार्गशीर्ष मास को सर्वश्रेष्ठ बताते हुए कहा— मासाना मार्गशीर्षोऽयम्। दरअसल इस माह से कई पवित्र क्रियाकलाप जुडे हुए हैं। सतयुग में इसी माह की प्रथम तिथि को ही वर्ष प्रारंभ किया गया था।

अगहन को मार्गशीर्ष माह का नाम भी श्रीकृष्ण के कारण दिया गया। श्रीकृष्ण के अनेक स्वरूपों में से मार्गशीर्ष भी एक है। धरती के स्वर्ग के रूप में जाना जाता कश्मीर की कथा भी इस माह से संबंधित है। कश्यप ऋषि ने इस सुन्दर प्रदेश की रचना मार्गशीर्ष माह में ही की थी। मार्गशीर्ष पूर्णिमा को चन्द्र पूजा का महत्व है। इस दिन चन्द्रमा को सुधा से सिंचित किया गया था।

deepak deewan
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned