ड्रीम 11 पर खेल सट्टा नहीं स्किल गेम— हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कोस्ट के साथ खारिज की जनहित याचिका

By: KAMLESH AGARWAL

Published: 16 Oct 2020, 09:24 PM IST

जयपुर।

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने वास्तविक खिलाडिय़ों के साथ वर्चुअल गेम खिलाने वाली ड्रीम 11 फेंटसी प्रा.लि. के खिलाफ जनहित याचिका को कोस्ट के खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ड्रीम— 11 प्लेटफार्म पर खिलाए जाने वाला खेल सट्टा नहीं बल्कि स्किल गेम है। कोर्ट ने इस पर वसूले जाने वाले जीएसटी का मामला जीएसटी अधिकारियों पर छोड़ दिया।


रविन्द्र सिंह चौधरी ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि ड्रीम 11 की ओर से ऑनलाइन खेल के नाम पर सट्टा खिलाया जा रहा है। जिसमें प्रतिभागी कम से कम सौ रुपए लगाकर एंट्री करता है। इसके अलावा कंपनी की ओर से कुल राशि में से अस्सी फीसदी राशि इनाम के रूप में बांट दी जाती है और शेष बीस फीसदी कंपनी खुद रख लेती है। कंपनी इस बीस फीसदी राशि पर ही जीएसटी दे रही है। दूसरी ओर ड्रीम 11 की ओर से कहा गया कि ऑनलाइन गेम में प्रतिभागी दोनों टीम के खिलाडियों को चुनते हैं। ऐसे में इसे सट्टा नहीं माना जा सकता। वहीं केन्द्र सरकार की ओर से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट सहित अन्य हाईकोर्ट मान चुके हैं कि यह सट्टा ना होकर स्किल गेम है। इसके अलावा जीएसटी को लेकर विभाग कंपनी को पहले ही नोटिस जारी कर चुका है। सभी पक्षों को सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत माहान्ति और न्यायाधीश महेंद्र गोयल की खंडपीठ ने कहा कि यह खेल प्रतिभागी के कौशल पर निर्भर करता है और किसी तरह के भाग्य पर निर्भर नहीं है। प्रतिभागी द्वारा बनाई गई आभासी टीम की जीत या हार भी वास्तविक दुनिया में खेल या घटना के परिणाम से स्वतंत्र है कोर्ट ने जनहित याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता पर जुर्माना लगाया है और जीएसटी का मसला अधिकारियों पर छोड़ दिया।

KAMLESH AGARWAL Desk
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