Smart India Hackathon 2020 : ISRO की समस्या के समाधान के लिए जयपुर से 'गति'

स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन—4 एक अगस्त से शुरू, पीएम नरेंद्र मोदी ने युवाओं को किया संबोधित

By: surendra kumar samariya

Published: 01 Aug 2020, 08:57 PM IST

सुरेंद्र बगवाड़ा , जयपुर

स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन—4 का सॉफ्टवेयर एडिशन शनिवार से शुरू हो गया। अब देशभर के युवा तीन दिन तक विभिन्न मिनिस्ट्री, स्टेट गवर्नमेंट, डिपार्टमेंट और प्राइवेट सेक्टर की आईटी प्रॉब्लम्स का सॉल्यूशन के लिए दिमागी कसरत करेंगे। पहले दिन शाम 4:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जयपुर सहित 6 नोडल सेंटर पर उपस्थित युवाओं से बातचीत की। उनसे प्रॉब्लम्स और उनके समाधान के तरीके जाने। साथ ही युवाओं को प्रेरित करते हुए कई सुझाव भी दिए। यह हैकाथॉन अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् ( AICTE ) और मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से हो रहा है।

इसरो को जयपुर से मिलेगी 'गति'

हैकाथॉन ( Smart India Hackathon ) के जरिए जयपुर के नोडल सेंटर पर जीआईटी कॉलेज जयपुर की 'पीएसएलवी ब्रह्मास्त्र' को इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन 'इसरो' की प्रॉब्लम का सॉल्यूशन ढूंढ रही है। इस टीम के मेंबर आदर्श ने बताया कि इसरो के भुवन एप पर काफी सारा काउड सोर्स डेटा उपलब्ध होता है। साथ ही जिओ स्टेशनरी सैटेलाइट जैसे कार्टोसैट, नाविक सैटेलाइट से भी डेटा आता है।

इसमें मानवीय क्षमता और समय अधिक लगता है। जबकि यह आमजन के बहुत उपयोगी है। अन्य मंत्रालयों के लिए भी उपयोगी, क्योंकि वहां पर बहुत सारी इमेजेज टैग की तरह इस्तेमाल होती है, लेकिन वे बहुत समय लेती है। इसमें अब हमारी टीम कुछ फीचर्स जैसे वॉटर बॉडी, माउंटेन्स, स्ट्रीट बैनर, होर्डिंग आदि से डेटा निकालकर शब्दों में लिखने पर कार्य कर रहे है। इसमें मोबाइल एप 'गति' बना रहे है।

इसके लिए अन्य एक टीम कॉर्पोरेट एक्शन बॉट बना रही है। जो किसी भी कंपनी के कॉर्पोरेट एक्शन के रियल टाइम एक्यूरेट इंफॉर्मेशन प्रोवाइड कराएगा। मार्केट एनालैसिस में भी मदद मिलेगी। किसी भी कंपनी के कॉर्पोरेट एक्शन्स की रियल टाइम एक्यूरेट इनफार्मेशन देगा जिस से एक आम जन अपने फाइनेंसियल निर्णय आसानी से ले सकेंगे|

— 36 घंटे का समय, 57 हजार आइडियाज

इस हैकाथॉन में 17 सौ से ज्यादा एजुकेशन इंस्टीटयूट में से केवल मात्र 41 संस्थानों को नोडल सेंटर बनाया गया है। इनमें जयपुर की यूनिवर्सिटी भी है। इस इवेंट में 36 घंटे लगातार 2 लाख से ज्यादा युवा करीब 57 हजार आइडियाज पर काम करेंगे। इसमें जयपुर जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी की टीम मिनिस्ट्री ऑफ वीमन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट से जुड़ी प्रॉब्लम्स पर काम कर रही है।

'हैकथॉन एक अनोखा मॉडल है। इससे आमजन रोजाना जिन परेशानियों का सामना करता है, उनका समाधान खोजा जा रहा है। इस इवेंट से युवाओं में तकनीकी विचारों को बढ़ावा मिलेगा।'— अर्पित अग्रवाल, वाइस चैयरपर्सन, जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी ( JECRC University Jaipur )

surendra kumar samariya Desk
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