6 हजार के वेतन पर काम कर रहे वॉरियर्स दिन-रात मरीजों की सेवा में जुटे हैं

- नियमितिकरण की आस में बैठे ठेके पर काम करने वाले कोरोना वॉरियर्स

By: Avinash Bakolia

Published: 12 May 2020, 10:53 PM IST

जयपुर. सवाई मानसिंह अस्पताल में ठेके पर कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटर, वार्ड बॉय, लैब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट कोरोना वॉरियर्स के रूप में जुटे हुए हैं। मात्र 6 से 8 हजार रुपए के अल्पवेतन पर कार्यरत इन ठेकाकर्मियों को पिछले 10-15 साल से नियमित किए जाने की घोषणा कर रही है और न ही वेतन वृद्धि की जा रही है।
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ(एकीकृत) ने मंगलवार को एसीएस रोहित कुमार सिंह को ज्ञापन देकर मांग की है कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में कार्यरत ठेके के कर्मचारियों कम्प्यूटर ऑपरेटर, वार्ड बॉय, सफाई कर्मचारी, फार्मासिस्ट, लैब टेक्निशियन, इलेक्ट्रीशियन आदि को ठेकेदारों द्वारा काफी समय से शोषण किया जा रहा है। प्रदेशाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि वर्तमान में चिकित्सा विभाग में दो तरह के चिकित्साकर्मी कार्यरत है। एक प्रकार के चिकित्साकर्मियों को सरकार द्वारा नियमित वेतन, चिकित्सा भत्ता, मकान भत्ता और अन्य सुविधाएं दी जाती है, जबकि दूसरे प्रकार के कर्मचारी जिनमें एनआरएचएम के तहत पिछले दस वर्ष से संविदा पर कार्यरत जीएनएम, एएनएम, ठेके पर कार्यरत कम्प्यूटरकर्मी, संविदाकर्मी जो किसी न किसी रूप में चिकित्सा सेवाओं सेे जुड़े हुए हैं। उन्हें सरकार की ओर से एक निश्चित वेतन राशि ही उपलब्ध कराई जा रही है। उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान नियमित वेतन, चिकित्सा भत्ता, मकान भत्ता व अन्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। ठेका कर्मचारी संयुक्क्त संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक मुकेश बांगड़ ने बताया कि एसीएस ने मांगों पर आश्वस्त किया है कि जल्द ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।


क्लीनिकल रिकार्ड असिस्टेंट की भर्ती कर दी रद्द-
वर्ष 2013 में कांग्रेस सरकार द्वारा 10-20 वर्षों से ठेके पर कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेट्र्स के लिए 'क्लीनिकल रिकार्ड असिस्टेंटÓ की भर्ती बोनस अंकों के आधार पर निकाली गई थी, जिसे सरकार बदलने पर रद्द कर दिया गया। वर्तमान में सरकार द्वारा संविदाकर्मियों को नियमित करने के लिए मांगी गई सूचना में एसएमएस अस्पताल की ओर से सूचना भेजते हुए ठेके कर्मियों को नियमित किए जाने की अनुशंसा की गई है।

Avinash Bakolia Reporting
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