सूना सा रहा एसएमएस अस्पताल, मरीज होते रहे परेशान

सरकारी अस्पताल आने से बचते रहे मरीज

Ankit Dhaka

December, 0601:20 AM

जयपुर. प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के रेजिडेंट डॉक्टरों का कार्य बहिष्कार के चलते गुरुवार को दिन भर राजधानी के सवाई मानसिंह अस्पताल सहित प्रदेश भर के अस्पतालों में मरीज परेशान होते रहे। एसएमएस के आउटडोर, पंजीकरण काउंटरों पर मरीज कम आए। हड़ताल से परेशान होकर अधिकांश मरीजों ने सरकारी अस्पताल आने के बजाए निजी अस्पतालों का रुख कर लिया।
तीसरे दिन भी सैंकड़ों आपरेशन प्रदेश भर में टालने पड़े। अधिकारियों का पक्ष था कि रेजीडेंट की सुरक्षा की मांग को जल्द पूरा कर दिया जाएगा और शेष मांगों पर पूरी जानकारी जुटाकर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए समय लगेगा, जबकि रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना था कि सरकार पहले भी 15 दिन का समय ले चुकी है। इस समयावधि में कुछ भी नहीं हुआ।

सरकारी अस्पताल आने से बचते रहे मरीज
हड़ताल को देखते हुए मरीज भी अस्पताल में भर्ती होने से कतराते रहे। अस्पतालों में वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर भी सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाए गए। ऐसे में मरीजों की परेशानी दोगुनी हो गई। रेजीडेंट डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार के कारण मुख्य रूप से आउटडोर व आपातकालीन इकाई में आने वाले मरीज तथा आइसीयू में भर्ती मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई मरीजों ने बातचीत में कहा कि हड़ताल ना हो ऐसा कोई उपाय निकालना चाहिए।

नजर नहीं आई वैकल्पिक व्यवस्था
मरीज दिनभर उपचार के लिए इधर-उधर भटकते रहे पर उन्हें कोई राहत नहीं मिली। आपातकालीन इकाई में आने वाले कई मरीजों को तो मजबूरन दूसरे अस्पताल में उपचार के लिए जाना पड़ा। यही हाल आउटडोर का रहा। वैकल्पिक इंतजाम ना के बराबर नजर आए।

Ankit Desk
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