कबूतरों की स्मगलिंग... वो भी इस काम के लिए....पहली बार खुला राज

Smuggling of pigeons… that too for this work… first secret revealed..कबूतरों हल्के गुलाबी और हल्के सफेद रंग के ये कबूतर आम कबूतरों से बड़े और सुंदर थे। पुलिस ने पूछताछ की तो कबूतर रखने वालों ने बताया कि ये कबूतर पालने के लिए अजमेर से दिल्ली भेजे जा रहे हैं। जब सख्ती से पूछताछ की तो वे चारों लोग अलग—अलग जवाब देने लगे।

जयपुर. Jaipur Police जयपुर कमिश्नरेट पुलिस ने कबूतरों की (Smuggling) स्मगलिंग का राज खोला है। सौ से भी ज्यादा कबूतरों की पुलिस ने जान बचाई है। चार लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से विशेष पिंजरों में बंद कबूतरों को आजाद कराया गया है। हल्के सफेद और हल्के गुलाबी किस्म के इन कबूतरों को थाने में ही मेहमाननवाजी की गई और उसके बाद इनको चिडियाघर ले जाकर छोड़ दिया गया। जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में अपने तरह का यह पहला ही मामला सामने आया है।

गाड़ियों में थे 116 कबूतर
मामले की जांच कर रही करधनी थाना पुलिस ने बताया कि(Police check post) कालवाड एड पोस्ट पर नाकाबंदी के दौरान यह कार्रवाई की गई। दो कारों में चार लोग सवार थे। उनकी कार की तलाशी ली गई तो कार में विशेष तरह के पिंजरे रखे हुए थे। इनमें कबूतर बंद थे। कबूतरों हल्के गुलाबी और हल्के सफेद रंग के ये कबूतर आम कबूतरों से बड़े और सुंदर थे। पुलिस ने पूछताछ की तो कबूतर रखने वालों ने बताया कि ये कबूतर पालने के लिए अजमेर से दिल्ली भेजे जा रहे हैं। पलि ने जब सख्ती से पूछताछ की तो वे चारों लोग अलग—अलग जवाब देने लगे। बाद में चारों को अरेस्ट कर लिया गया। चारों को पशु क्रूरता एक्ट के तहत अरेस्ट किया गया। इनके कब्जे से 116 कबूतरों को आजाद किया गया। पुलिस ने अहमद, रोहित, फाजील और तनवीर को अरेस्ट किया है। पूछताछ में पता चला कि अजमेर से और भी कबूतरों को दिल्ली भेजा जाना है। अब पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।


मारने के लिए ले जाया जा रहा था कबूतरों को
अजमेर से दिल्ली भेजे जा रहे इन कबूतरों को जब थाने लाया गया तो शाम का वक्त हो चला था। कबूतरों को पूरी रात थाने में ही रखा गया। उनके लिए पुलिस ने दाना और पानी का इंतजाम किया। इंतजाम करने के बाद पूरी रात उनका ध्यान भी रखा। उसके बाद सवेरे पुलिस सुरक्षा में उनको चिडियाघर भेजा गया। अब कबूतर आजाद है। पुलिस का मानना है कि कबूतरों की हत्या की जानी थी। इनके शरीर के अंगों और मांस से दवाईयों बनाई जानी थी। चूंकि इन पक्षियों का शरीर गर्म होता है तो सर्दियों से पहले इनके शरीर से दवाईयां बनाकर उनको बाजार में बेचा जाना था।

JAYANT SHARMA
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