मृदा प्रयोगशाला : धूल फांक रही मशीनें, लटका है ताला

बांदीकुई व महुवा में बनवाई गई मृदा प्रयोगशाला का क्षेत्र के किसानों को लाभ नहीं मिल रहा है। विभाग ने आठ माह पूर्व भवन तो तैयार करा दिए, लेकिन अभी तक स्टाफ की नियुक्ति नहीं होने से जांच कार्य शुरू नहीं हो पाया है।

By: Abhishek sharma

Published: 19 Apr 2016, 11:48 PM IST


क्षेत्र के किसानों को स्थानीय स्तर पर ही मिट्टी जांच की सुविधा मुहैया कराने के लिए कृषि विभाग की ओर से लाखों रुपए खर्च कर बांदीकुई व महुवा में बनवाई गई मृदा प्रयोगशाला का क्षेत्र के किसानों को लाभ नहीं मिल रहा है। विभाग ने आठ माह पूर्व भवन तो तैयार करा दिए, लेकिन अभी तक स्टाफ की नियुक्ति नहीं होने से जांच कार्य शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में किसानों को अभी भी जिला मुख्यालय स्थित प्रयोगशाला पर ही मिट्टी जांच कराने के लिए जाना पड़ रहा है। खास बात यह है कि विभाग ने प्रयोगशालाओं में जांच के काम आने वाली मशीनें भी भिजवा दी, लेकिन कर्मचारियों के नहीं होने से ये मशीन अब धूल फांक रही है।
भवन निर्माण पर खर्च किए 38 लाख
बांदीकुई व महुवा में मृद प्रयोगशाला का निर्माण विभाग की ओर से वर्ष 2014 में शुरू कराया गया था। इनके निर्माण पर 19-19 लाख रुपए खर्च किए गए। विभाग की ओर से दोनों प्रयोगशालाओं को जून 2015 में ही चालू किया जाना तय किया था, लेकिन बिजली कनेक्शन समय पर नहीं होने के कारण तय किया गया समय निकल गया। इसके बाद अक्टूबर में बिजली कनेक्शन भी हो गया और मशीनें भी भिजवा दी गई, लेकिन स्टॉफ की नियुक्ति नहीं की गई। ऐसे में प्रयोगशाला भवन निर्माण के आठ माह बाद भी चालू नहीं हो सकी है।
इनकी नियुक्ति होनी है
विभाग की ओर से प्रयोगशाला चालू करने के लिए एक कृषि अनुसंधान अधिकारी, प्रयोगशाला सहायक, तकनीकी सहायक व कम्प्यूटर ऑपरेटर्स सहित प्रशिक्षित स्टाफ लगाया जाना तय किया था। इसके बाद भी अभी तक नियुक्ति नहीं की जा रही है। ऐसे में किसानों को मृदा जांच के लिए मजबूरन किराया लगाकर दौसा या फिर जयपुर जाना पड़ता है।
रिपोर्ट समय पर नहीं, कैसे सुधरे मिट्टी का हाल
मिट्टी जांच की रिपोर्ट भी नियत समय नहीं मिलने से मृदा सुधार में भी परेशानी हो रही है। क्योंकि सहायक कृषि अधिकारी भी जांच रिपोर्ट के आधार पर ही मिट्टी में मौजूद लवण व क्षारीय होने की स्थिति देखने के बाद ही फसल बुवाई की सलाह देते हैं। किसानों का कहना है कि इस कृषि उपज मण्डी में बसवा, सिकराय, महुवा एवं राजगढ़ क्षेत्र के किसान जिंस बेचने के लिए आते है।  ऐसे में यदि मृदा प्रयोगशाला चालू करे तो फायदा मिल सकता है।
जल्द चालू कराएंगे
प्रयोगशाला में सभी मशीनें आ गई हैं और बिजली कनेक्शन भी हो गया। कर्मचारी लगने पर शीघ्र प्रयोगशाला को चालू करा दिया जाएगा।
बनवारीलाल शर्मा, सहायक कृषि अधिकारी, बांदीकुई

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