6 जनवरी को पड़ेगा साल 2019 का पहला सूर्यग्रहण, पूरे साल में पड़ेंगे कुल पांच ग्रहण, जानें कहां-कहां रहेगा असर

6 जनवरी को पड़ेगा साल 2019 का पहला सूर्यग्रहण, पूरे साल में पड़ेंगे कुल पांच ग्रहण, जानें कहां-कहां रहेगा असर

By: rohit sharma

Published: 30 Dec 2018, 04:17 PM IST

जयपुर।

राजस्थान समेत पूरे देश भर में नए साल (New Year 2019) की तैयारियां जोरों-शोरो पर चल रही है। प्रदेश में नया साल मनाने के लिए देश-विदेश से लोग आ रहे हैं। वहीं नया साल 2019 खगोलीय घटना के लिए खास होगा। 2019 में ग्रहण के पांच नजारे देखने को मिलेंगे। जिनमें से 3 सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण होंगे। इनमें से तीन ही भारत में असरदार होंगे और नजर आएंगे। ग्रहण का राजस्थान में ज्यादा असर नहीं दिखेगा।


3 ग्रहणों का रहेगा भारत में असर

5 - 6 जनवरी
आंशिक सूर्यग्रहण - भारत में दृश्यमान


21 जनवरी
पूर्ण चंद्रग्रहण भारत में नहीं दिखेगा


2 जुलाई
पूर्ण सूर्यग्रहण भारत में नहीं दिखेगा


16-17 जुलाई
आंशिक चंद्रग्रहण भारत में दृश्यमान

26 दिसंबर
कंकण सूर्यग्रहण भारत में दृश्यमान

 

 

कैसे पड़ता है ग्रहण

किसी खगोलीय पिण्ड का पूर्ण अथवा आंशिक रुप से किसी अन्य पिण्ड से ढक जाना या पीछे आ जाना ग्रहण कहलाता है। जब कोई खगोलीय पिण्ड किसी अन्य पिण्ड द्वारा बाधित होकर नजर नहीं आता, तब ग्रहण होता है। सूर्य प्रकाश पिण्ड है, जिसके चारों ओर ग्रह घूम रहे हैं। अपनी कक्षाओं में घूमते हुए जब तीन खगोलीय पिण्ड एक रेखा में आ जाते हैं तब ग्रहण होता है।

 

इस प्रकार चलती है सूर्य ग्रहण की प्रक्रिया

- जब सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा आ जाता है तो सूर्य चंद्रमा के कारण दिखाई नहीं पड़ती है।
- चंद्रमा से जब सूर्य ढकने लगता है तो इस स्थिति को सूर्यग्रहण कहते हैं।
- जब सूर्य का एक भाग छिप जाता है तो उसे आंशिक सूर्यग्रहण कहते हैं.
- जब सूर्य कुछ देर के लिए पूरी तरह से चंद्रमा के पीछे छिप जाता है तो उसे पूर्ण सूर्यग्रहण कहते हैं।
- पूर्ण सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या को ही होता है.

 

तीन प्रकार का होता है सूर्यग्रहण

- पूर्ण सूर्य ग्रहण

पूर्ण सूर्य ग्रहण उस समय होता है जब चन्द्रमा पूरी तरह से पृ्थ्वी को अपने छाया क्षेत्र में ले लेता है। इसके फलस्वरुप सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक पहुंच नहीं पाता है। और पृ्थ्वी पर अंधकार जैसी स्थिति हो जाती है। इस प्रकार बनने वाला ग्रहण पूर्ण सूर्य ग्रहण कहलाता है।


- आंशिक सूर्यग्रहण

आंशिक सूर्यग्रहण में चन्दमा, सूर्य के केवल कुछ भाग को ही अपनी छाया में ले पाता है। इससे सूर्य का कुछ भाग ग्रहण ग्रास में तथा कुछ भाग ग्रहण से अप्रभावित रहता है। इसे आंशिक सूर्यग्रहण कहा जाता है।


- वलय सूर्यग्रहण

तीसरे और अंतिम प्रकार का सूर्य ग्रहण "वलय सूर्यग्रहण" के नाम से जाना जाता है। इस प्रकार के ग्रहण के समय चन्द्र सूर्य को इस प्रकार से ढकता है, कि सूर्य का केवल मध्य भाग ही छाया क्षेत्र में आता है। सूर्य के बाहर का क्षेत्र प्रकाशित होने के कारण कंगन के समान प्रतीत होता है। कंगन आकार में बने सूर्यग्रहण को ही वलय सूर्यग्रहण कहा जाता है।

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