Darsha Amavasya : कठोर संघर्ष करना पड़ रहा हो तो जरूर करें ये उपाय, आसान हो जाएगी राह

आज सावन का तीसरा सोमवार भी है और अन्य कई महत्वपूर्ण व्रत व पर्व हैं। श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहते हैं- कृष्ण पक्ष के अंतिम दिन आनेवाली अमावस्या को जब चांद पूरी तरह गायब रहता है तो उसे दर्श अमावस्या कहा जाता है।

By: deepak deewan

Published: 20 Jul 2020, 07:41 AM IST

जयपुर. 20 जुलाई को श्रावण कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है। सोमवार के दिन आ रही यह तिथि बेहद शुभ होती है। आज के दिन रात 11 बजकर 3 मिनट तक अमावस्या तिथि रहेगी। धर्म—कर्म के लिहाज से आज का दिन विशेष है। आज सावन का तीसरा सोमवार भी है और अन्य कई महत्वपूर्ण व्रत व पर्व हैं। श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहते हैं।

कृष्ण पक्ष के अंतिम दिन आनेवाली अमावस्या को जब चांद पूरी तरह गायब रहता है तो उसे दर्श अमावस्या कहा जाता है। इस दिन शिवजी की पूजा अर्चना के साथ ही चंद्रदेव की पूजा करना शुभ होता है। दर्श अमावस्या पर समृद्धि प्राप्ति के लिए पितरों की भी पूजा की जाती है. ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि दर्श अमावस्या पर चंद्रमा और पितरों की विश्वासपूर्वक की गई पूजा फलदायी होती है. चंद्र देव और पितर उनकी प्रार्थना जरूर सुनते हैं। माना जाता है कि दर्श अमावस्या पर पितर धरती पर आते हैं. जो लोग उन्हें याद करते हैं और उनकी याद में पूजन—पाठ, दान करते हैं ऐसे परिजनों को आशीर्वाद देते हैं।

खत्म हो जाते हैं संघर्ष
पितरों की पूजा होने से इस अमावस्या को श्राद्ध अमावस्या भी कहा जाता है। पंडित नरेंद्र नागर के मुताबिक पितृदोष से मुक्ति पाने के लिए इस दिन पितृ तर्पण और जरूरतमंदों को दान करना बहुत ही फलदायी माना जाता है। यदि जीवन में कठोर संघर्ष की स्थिति बनी हो, काम बार—बार टल रहे हों, रुक रहे हों, पूरे होने में कोई न कोई विघ्न आते हों तो आज पूर्वजों से इनसे मुक्ति के लिए प्रार्थना करें। उनकी याद में जरूरतमंदों को कुछ न कुछ दान करें. इससे पितर प्रसन्न होंगे और उनके आशीर्वाद से आपके जीवन की राह कुछ आसान हो जाएगी.

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