Song Meditation : पुराने गीतों में वो मेडिटेशन, जो तनाव दूर कर दें

जवाहर सर्किल पत्रिका गेट पर गीतों भरी मेडिटेशन महफिल, 55 वर्षीय देवेंद्र शर्मा पुराने गीत गाकर दूर कर रहे है लोगों का तनाव, रोजाना सजने वाली गीतों भरी शाम शामिल होता है हर वर्ग

By: surendra kumar samariya

Published: 04 Oct 2020, 08:34 PM IST

सुरेंद्र बगवाड़ा , जयपुर

कोरोना काल में नौकरियां जाने और बढ़ते कोरोना संक्रमण के साथ घटती सामाजिक दूरियों से हर वर्ग तनावग्रस्त है। सबसे ज्यादा युवा परेशान है, जिन्होंने 2020 में अपने करियर के लिए कई सपने संजोए थे। ऐसे ही हर उम्रदराज लोगों से तनाव को दूर करने और उनमें पॉजिटिव एनर्जी भरने के लिए जवाहर सर्किल पत्रिका गेट ( Patrika Gate Jawahar Circle ) पर 55 वर्षीय देवेंद्र शर्मा ने एक पहल की। यहां पर शर्मा रोजाना शाम को एक घंटे की एक्सरसाइज करने के बाद अगले एक घंटे तक लोगों का पुराने गीत सुनाकर तनाव दूर कर रहे है।

शर्मा ने बताया कि किशोर कुमार, मोहम्मद रफी, मुकेश, पंकज उधास के गीत, गजल के साथ देशभक्ति तराने गाता हूं। शाम को वॉक करने आने वाले मेरे श्रोता गीतों की फरमाइश भी करते है। मैंने देखा कि लोग इतने परेशान है कि गाने सुनते—सुनते उनकी आंखों से आंसू झलक जाते है। मेरी कोशिश है कि हर उम्र खासकर युवाओं को इस कोरोना काल में तनाव से दूर रखा जाए।

बेटे ने दिया साउंड सिस्टम

देवेंद्र शर्मा ने बताया कि मैं बाथरूम सिंगर ही हूं। लॉकडाउन ( lockdown ) से पहले मेरे बेटे की रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन हुआ था। जब वह ठीक होकर वापस अपने काम के लिए दिल्ली लौटा तो उसने मुझे गीत गाने के लिए साउंड सिस्टम उपहार में दिया। हाल ही जब एक्टर सुशांत सिंह ( Sushant Singh Rajput ) का केस हुआ तो मुझे युवाओं की और चिंता हुई। तभी से लगा कि युवाओं को इस तनाव से बाहर निकालना हैं।


लॉकडाउन में छतों पर गाए गीत

टोंक रोड स्थित देवनगर कॉलोनी समिति में सचिव हूं। लॉकडाउन के दौरान लोगों को आवश्यक सुविधा मुहैया कराने के साथ—साथ रोजाना छत पर बैठकर साउंड सिस्टम के जरिए गाने सुनाकर भयमुक्त करने लगा। अनलॉक हुआ तो जवाहर सर्किल पर जाकर बड़े समूह के साथ खुशनुमा शाम बीता रहा हूं।

पुराने गीतों में है वो शक्ति

शर्मा बताते है कि पुराने गानों में वो मेडिटेशन है, जिन्हें सुनकर, गाकर दुख को भूलाया जा सकता है। चार मई से निरंतर गाने गा रहा है। मैं खुश हूं कि काफी लोग आते है। लोग सुनकर खुश होते है। यहीं से मुझे भी उर्जा मिलती है। यहीं चाहता हूं कि कोरोना काल में सब सुरक्षित रहे। ईश्वर से यही प्रार्थना है।


वितरित किए 20 हजार मास्क

पर्यटन में नौकरी रही। महाराजा एक्सप्रेस ट्रेन ( Maharaja Express Train ) में कॉडिनेटर रहा। नौकरी के कारण कभी परिवार को पूरा समय नहीं दे पाया तो बीच में ही वीआरएस ले ली। अब सिर्फ सेवा में जुटा हुआ हूं। मेरी पत्नी सरकारी शिक्षिका है। हम दोनों ने लॉकडाउन से लेकर अभी तक 20 हजार से अधिक मास्क वितरित किए है।

नोटबुक में यादगार कमेंट

मेरी पहल को यादगार बनाना है। इसलिए नोटबुक बनाई। रखी तो लोगों लिखने लगे। मुझे भी प्रोत्साहन मिलने लगा। अब यहीं मेरी कमाई है, कि लोगों को तनाव दूर कर रहा हूं।

surendra kumar samariya Desk
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