Rajasthan Assembly 2020: स्पीकर ने Rajendra Rathore को सदन पूरा होने तक निकाला बाहर, जानें पूरा घटनाक्रम

- राज्य विधानसभा का विशेष सत्र, विधेयक पर चर्चा होने के दौरान गर्माया माहौल, स्पीकर ने उपनेता प्रतिपक्ष को बाहर करने के दिए निर्देश, संसदीय कार्य मंत्री ने रखा था प्रस्ताव, स्पीकर के निर्देश पर सदन में पहुंचे मार्शल, सदन में शोरशराबा-नारेबाजी से गर्माया माहौल

 

By: nakul

Updated: 24 Aug 2020, 02:19 PM IST

राहुल सिंह/ जयपुर।

राज्य विधानसभा में आज स्पीकर डॉ सीपी जोशी ने उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ को सदन की कार्यवाही पूरी होने तक के लिए बाहर निकाल दिया। स्पीकर ने यह निर्देश संसदीय कार्य मंत्री शान्ति धारीवाल के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए दिए। हंगामेदार माहौल के बीच हुई इस कार्रवाही के बाद सदन को आढे घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया। इससे पहले भाजपा विधायकों ने वॉक आउट कर प्रश्नकाल-शून्यकाल नहीं होने पर सांकेतिक विरोध जताया।

 

ये हुए पूरा घटनाक्रम
सदन में राज्य में भिखारियों या निर्धन व्यक्तियों का पुनर्वास (संशोधन) विधेयक 2020 पर चर्चा हो रही थी। इस दौरान स्पीकर डॉ सीपी जोशी और उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ के बीच तीखी नोंक-झोंक हो गई। मामला इस कदर बढ़ गया कि संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने हस्तक्षेप करते हुए राठौड़ को सदन से बाहर करने का प्रस्ताव पेश कर दिया।

 

स्पीकर जोशी ने भी प्रस्ताव को स्वीकार करने में देर नहीं की और उपनेता प्रतिपक्ष को शेष रही कार्यवाही तक सदन से बाहर रहने के निर्देश दे दिए। इसके बाद हंगामा होता देख स्पीकर ने सदन की कार्यवाही आढे घंटे के लिए स्थगित कर दी। आढे घंटे बाद फिर सदन एकजुट हुआ लेकिन माहौल शांत नहीं रहा। ऐसे में सभापति राजेन्द्र पारीक ने कार्यवाही को एक बार for आढे घंटे स्थगित कर दिया।

 

मार्शल पहुंचे सदन में
स्पीकर के राठौड़ को बाहर करने का आदेश आते ही सदन में माहौल और ज़्यादा गरमा गया। भाजपा विधायक स्पीकर के फैसले पर पुरजोर विरोध दर्ज करवाते देखे गए। स्पीकर के निर्देश के बाद कुछ देर में सदन के अन्दर मार्शल पहुँच गए। मार्शल राजेन्द्र राठौड़ को बाहर निकालना चाह रहे थे। इस दौरान कुछ विधायकों से मार्शल की धक्का-मुक्की भी हुई। सदन का माहौल गर्माया रहा।

 

स्पीकर के नरम पड़े तेवर
सदन की कार्यवाही दो बार आधे-आधे घंटे के लिए स्थगित होने के बाद भी सदन में गतिरोध बना रहा। स्पीकर की ओर से राजेन्द्र राठौड़ को सदन से बाहर निकाले जाने के आदेश के विरोध में भाजपा विधायक वेल में ही धरने पर बैठे रहे। सदन फिर से एकजुट होने पर स्पीकर डॉ सीपी जोशी के तेवर कुछ नरम हुए। उन्होंने कहा कि राठौड़ को बाहर निकालने की मेरी इच्छा नहीं है। पर बिल पर नियम से चर्चा होनी चाहिए। इसलिए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाही का कदम उठाना पडा।

स्पीकर जोशी ने सत्ता पक्ष से राजेन्द्र राठौड़ को वापस लेने का प्रस्ताव रखने के निर्देश दिए। लेकिन इस पर भी भाजपा सदस्य नहीं माने और नारेबाजी जारी रखी। नारेबाजी के बीच ही विधाई कार्य जारी रहे। सदन में शोरशराबे के बीच स्टाम्प एवं आबकारी विधेयक पारित हुआ।

 

भाजपा विधायकों ने वॉकआउट कर जताया विरोध

इससे पहले राज्य विधानसभा सत्र की सोमवार को हुई शुरुआत हंगामेदार रही। सदन में आज प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं होने की वजह से सदन की शुरुआत मुख्य सचेतक महेश जोशी की ओर से कार्य सलाहकार समिति का प्रतिवेदन पेश करने के साथ हुई। इसपर विपक्ष ने एतराज़ जताते हुए कुछ देर के लिए हंगामा किया।

दरअसल, जोशी के बीएसी का प्रतिवेदन पेश करने पर नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने बीच में टोकते हुई आपत्ति जताई। कटारिया ने सदन में महत्वपूर्ण सेशन प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं होने को लेकर असंतोष ज़ाहिर किया। इस बात पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच कुछ देर के लिए हंगामे की स्थिति बनी रही।

प्रश्नकाल व शून्यकाल स्थगित करने के विरोध में नेता प्रतिपक्ष कटारिया की अगुवाई में भाजपा विधायकों ने सांकेतिक बहिर्गमन भी किया। इस दौरान स्पीकर डॉ सीपी जोशी और उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ के बीच हलकी नोंक-झनक भी हुई।

बहिर्गमन कर सरकार के खिलाफ सांकेतिक विरोध दर्ज करवाने के बाद सभी विधायक विधेयकों की चर्चा में शामिल हो गए। सबसे पहले राजस्थान माल एवं विक्रय सेवा कर (द्वितीय संशोधन) 2020 पर चर्चा शुरू हुई। बहस के दौरान विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया और उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ सरकार पर हमलावर रहे।

उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि ‘वन नेशन वन टैक्स’ का कॉन्सेप्ट देशभर में लागू हुआ है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का हवाला ददते हुए कहा कि 4 साल में अर्थव्यवस्था में गिरावट आई। कोरोना से संकट और बढ़ा हैं। जीएसटी में भी कमी आई है।

वहीं प्रतिपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया ने भी चर्चा में हिस्सा लेते हुए अपने विचार रखे। कटारिया ने कहा कि कोरोना के कारण आर्थिक हालात खराब हुई है। वैसे केंद्र सरकार ने राजस्थान का हिस्सा तो 12 हजार करोड़ रुपए दे दिया है। कटारिया ने कहा कि टैक्स कलेक्शन बढ़ाने के लिए आप धारा में बदलाव कर रहे हो।‘

विपक्ष के एतराज़ के बाद सरकार की तरफ से बोलते हुए मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि केंद्र ने जो संशोधन किया है उसी के अनुरूप राज्य सरकार संशोधन कर रही है। इसलिए भाजपा को इसपर आपत्ति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार वर्ष 2017 में जीएसटी लेकर आई, उसमें कई विसंगतियां रहीं। तब से लेकर अब तक 471 बार संशोधन कर चुके हैं। ऐसे में साफ़ है कि जीएसटी जल्दबाजी में लाई गई। धारीवाल ने कहा कि राज्य को केंद्र से मिलने वाले 6 हज़ार 980 करोड़ रुपए अब तक बकाया हैं।

वहीँ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान माकपा विधायक गिरधारी लाल ने भी हिस्सा लिया। भाजपा विधायक अशोक लाहोटी ने बहस में कहा कि वेट से सम्बन्धित रिफंड का मामला पेंडिंग चल रहा है। एमनेस्टी स्कीम को भी इसमें नहीं जोड़ा गया है। आखिर में मंत्री शांति धारीवाल के जवाब के बाद माल और सेवा कर तृतीय संशोधन विधेयक पास हो गया।

 

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