VIDEO: बैकफुट पर स्पीकर Dr. CP Joshi, सुप्रीम कोर्ट से वापस ली SLP

राजस्थान विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी के वकील कपिल सिब्बल ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापस ले ली।

By: nakul

Updated: 27 Jul 2020, 01:46 PM IST

जयपुर/नई दिल्ली।

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष सी पी जोशी ने उच्च न्यायालय के 21 जुलाई के अंतरिम आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में दायर अपनी याचिका सोमवार को वापस ले ली। राजस्थान उच्च न्यायालय ने गत 21 जून को अंतरिम आदेश सुनाते हुए विधानसभा अध्यक्ष को सचिन पायलट और उनके खेमे के 18 विधायकों के खिलाफ कार्रवाई करने से 24 जुलाई तक के लिए रोक लगा दिया था, जिसे अध्यक्ष ने शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी।

विधानसभा अध्यक्ष की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने न्यायमूर्ति अरुण कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष दलील दी कि उच्च न्यायालय के गत शु्क्रवार के आदेश के बाद पहले के आदेश के खिलाफ याचिका जारी रखने का कोई मतलब नहीं रह जाता, इसलिए उन्हें इसे वापस लेने की अनुमति प्रदान की जाये। सिब्बल ने कहा कि गत 24 जुलाई को 32 पन्नों का आदेश सुनाया गया था, जिसमें संविधान की 10वीं अनुसूची की व्याख्या सहित कई सवाल खड़े किये गये हैं। उन्होंने कहा, ''हमें कानूनी विकल्प पर विचार करना है कि आगे क्या करना है।‘’ न्यायालय ने उन्हें याचिका वापस लेने की अनुमति प्रदान कर दी।

न्यायालय ने विधानसभा अध्यक्ष को न केवल याचिका वापस लेने की अनुमति दी, बल्कि नई विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर करने और सभी विकल्प खुला रखने की स्वतंत्रता प्रदान की। इस बीच सिब्बल ने उच्च न्यायालय के 24 जुलाई के आदेश के खिलाफ अपील के संकेत दिये।

गौरतलब है कि गत 23 जुलाई को न्यायमूर्ति मिश्रा, न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की खंडपीठ ने विधानसभा अध्यक्ष सी पी जोशी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल तथा पायलट खेमे की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे और मुकुल रोहतगी की दलीलें सुनने के बाद कहा था कि वह इस मामले में सोमवार को विस्तृत सुनवाई करेगी।

इस बीच उसने उच्च न्यायालय के मंगलवार के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। शीर्ष अदालत ने कहा था कि वह इस बाबत सुनवाई करेगी कि क्या उच्च न्यायालय सदन के अध्यक्ष के नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर सकता है या नहीं?

खंडपीठ अब अध्यक्ष के अधिकार बनाम अदालत के क्षेत्राधिकार जैसे महत्वपूर्ण सवाल पर विचार करेगी। न्यायालय ने हालांकि यह भी स्पष्ट कर दिया था कि उच्च न्यायालय का 24 जुलाई का कोई भी फैसला इस मामले में शीर्ष अदालत के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।

विधानसभा अध्यक्ष ने राजस्थान उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उसने शुक्रवार तक सचिन पायलट और उनके खेमे के 18 विधायकों के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। याचिका में कहा गया था कि उच्च न्यायालय विधानसभा अध्यक्ष को सचिन गुट पर कार्रवाई करने से नहीं रोक सकता। न्यायालय का गत 21 जुलाई का आदेश न्यायपालिका और विधायिका में टकराव पैदा करता है।

nakul Desk
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