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Rajasthan State Budget: जीएसटी प्रक्रिया सम्बन्धित सुझाव

अगले साल से राजस्थान ( Rajasthan State Budget ) में अलग से पेश किए जाने वाले कृषि बजट ( agriculture budget ) की तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य सरकार के आगामी बजट 2022-23 की तैयारी के लिए राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ ( Rajasthan Foods Trade Association ) के चेयरमैन बाबूलाल गुप्ता ने सुझाव दिए।

जयपुर

Published: December 18, 2021 08:49:14 am

जयपुर। अगले साल से राजस्थान ( Rajasthan State Budget ) में अलग से पेश किए जाने वाले कृषि बजट ( agriculture budget ) की तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य सरकार के आगामी बजट 2022-23 की तैयारी के लिए राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ ( Rajasthan Foods Trade Association ) के चेयरमैन बाबूलाल गुप्ता ने सुझाव दिए।
रिवाइज रिटर्न भरने की व्यवस्था की जाए।
रजिस्ट्रेशन व्यवहारी को तीन दिन में मिलना चाहिए
ट्रान-1 की विसंगतियों को दूर हो।
इन्टरस्टेट सेल पर व्याप्त विसंगतियों को दूर करना
समरी जनरेशन के टाइम को घटाना चाहिए
जीएसटीआर-1 के लिए टिक का ऑपशन हो
जीएसटीआर-2ए में इनपुट प्रदर्शन हो
करदाता को अपना इनपुट स्वतंत्रता से लेने की आजादी हो।
केजुअल टैक्सपेयर के लिए रिफण्ड देने की ऑनलाइन व्यवस्था हो।
कम्पोजिशन डीलर्स द्वारा दाखिल की जाने वाली जीएसटीआर-4 को समाप्त करते हुए जीएसटीआर-9ए पुन: लागू करें।
डिफाल्टर शब्द को एक्ट से हटाया जाए
कर चोरी रोकने के लिए जीएसटीआर-2 को पोर्टल पर एक्टिवेट करें।
अस्थायी आई.डी. पर टैक्स व अर्थदण्ड जमा कराया जाना गलत है।
विभागीय अधिकारी जीएसटी प्रणाली के अनुसार कार्य करें।
Rajasthan State Budget: जीएसटी प्रक्रिया सम्बन्धित सुझाव
Rajasthan State Budget: जीएसटी प्रक्रिया सम्बन्धित सुझाव
कृषि जिंस पर संधारित जीएसटी संबंधित सुझाव...
रोस्टेड कृषि जिंस को जीरो जीएसटी की श्रेणी में लिया जावे।
तिलहन व इनके तेल को जीरो जीएसटी की श्रेणी में लिया जावे।
मसालों को जीरो जीएसटी की श्रेणी में लिया जावे।
कॉटन पर रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म आरोपित किया गया है। उसे भूतलक्षी प्रभाव से निरस्त किया जाना चाहिए।
कृषि विपणी अधिनियम सुझाव...
आड़त 1.75 प्रतिशत से बढ़ाकर 2.50 प्रतिशत की जावें।
समर्थन मूल्य की खरीद मण्डी के द्वारा ही हो।
ई-नाम व्यवस्था को समाप्त किया जावे।
वर्तमान की डीएलसी दर की 1/4 राशि पर मालिकाना हक दिया जावे।
वन उपज की बिक्री पर मांगे जा रहे ज्ब्ै को समाप्त किया जावे।
सभी मण्डियों में व्यापार भवन हेतु डी.एल.सी. की 20 प्रतिशत दर पर भूमि उपलब्ध करवाई जाए।
मण्डियों की आधारभूत आवष्यकताओं की पूर्ति की जावे।
व्यापार संघ को क्रियाशील किया जाए।
जिन कृषि जिन्स पर मण्डी सेस नहीं हैं, उन पर 0.20 प्रतिशत यूजर चार्ज लगाया जा सकता है।
कृषि जिन्स के अलावा विक्रय किए जाने वाली वस्तुओं पर 0.20 प्रतिशत यूजर चार्ज लगाया जा सकता है।
चीनी पर मण्डी सेस/यूजर चार्ज 0.20 प्रतिशत लगाया जा सकता है।
सूखे मेवे तथा किराणे की वस्तुएं यथा- लौंग, ईलायची, सौंठ, केसर आदि पर 0.50 प्रतिशत यूजर चार्ज लगाया जा सकता है।
सेकण्डरी मण्डियां यथा राजधानी मण्डी जयपुर, मण्डोर मण्डी जोधपुर, उदयपुर मण्डी आदि में दुकानों का सब-डिविजन स्वीकृत किया जाए।

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