राज्य प्रदूषण मंडल ने कुछ इस तरह से उद्योगों को दी राहत

 

ट्रीटमेंट प्लांट को कंसेंट-टू-आपरेट कर सकेंगे उद्योग

 

By: SAVITA VYAS

Published: 26 Feb 2021, 03:37 PM IST

जयपुर। कोरोना काल के बाद उद्योगों को राहत देते हुए प्रदेश में राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने जयपुर, पाली, भिवाड़ी, बालोतरा व भीलवाड़ा सहित अन्य औद्योगिक जगहों पर ट्रीटमेंट प्लांट को कंसेंट—टू—ऑपरेट जारी करने के आदेश दिए हैं। मंडल अधिकारियों के मुताबिक इससे 95 प्रतिशत से अधिक तक पानी को रीयूज किया जा सकता है। इसमें ट्रीट करने के बाद केमिकल्स वेस्ट भी काफी कम मात्रा में रहता है।
आधुनिक तकनीक के इस प्लांट को कंसेंट जारी करने के बाद अन्य उद्यमियों में भी ऐसे प्लांटों के प्रति रुझान बढ़ेगा। बोर्ड ने प्लांट की कंसेंट जारी करने के साथ ही कई नियम कायदों में बदलाव किया है। इन शर्तों की पालना नहीं करने पर उचित कार्रवाई का प्रावधान भी होगा। भूखंड क्षेत्र के 40 प्रतिशत हिस्से को हरित जोन विकसित करना होगा। परिशोधित पानी का उपयोग पौधों समेत किसी को पिलाने में उपयोग नहीं होगा सहित अन्य नियमों में बदलाव किया है।

दूसरे राज्य के मॉडल को अपनाने के दिए सुझाव
एनजीटी के आदेश पर मृदा प्रदूषणए वायु प्रदूषण सहित अन्य प्रदूषण के हालातों की प्रदेश की सर्वे रिपोर्ट राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने तैयार की है। इसमें गुजरात, मध्यप्रदेश सहित अन्य मॉडलों को प्रदेश में लागू करने पर कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए हैं। इनमें मुख्यतया भीड़भाड़ वाली जगहों पर बड़े वाहनों पर रोक लगाने, कचरा नहीं जलाने सहित अन्य रोकथाम का जिक्र किया है। गौरतलब है कि बीते महीने एनजीटी की टीम ने प्रदेश में दौरा किया था। प्रमुख पर्यावरणविद् और प्रोफेसर अजीत प्रताप सिंह ने भी 151 पेज की रिपोर्ट प्रदूषण नियंत्रण मंडल को सौंपी है। मंडल यह रिपोर्ट अगले सप्ताह एनजीटी की टीम को साझा करेगा।

SAVITA VYAS Desk
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