सन्नी देओल व करिश्मा कपूर के खिलाफ रेलवे कोर्ट के आदेश पर रोक

सन्नी देओल व करिश्मा कपूर के खिलाफ रेलवे कोर्ट के आदेश पर रोक
सन्नी देओल व करिश्मा कपूर के खिलाफ रेलवे कोर्ट के आदेश पर रोक

Mukesh Sharma | Updated: 20 Sep 2019, 04:53:35 PM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

जयपुर की एडीजे कोर्ट नंबर 17(ADJ Court Jaipur) ने अभिनेता सन्नी देओल (Suuny deol) व करिश्मा कपूर(Karsihma kapoor) के खिलाफ 22 साल पुराने मामले में रेल यात्रियों की सुविधा में खलल डालने, रेलवे कर्मचारियों के संवाद और काम में में बाधा पहुंचाने और परिसर में बिना अनुमति प्रवेश करने के सारांश आरोप तय करने के आदेश पर रोक लगा दी है।

जयपुर

कोर्ट ने यह अंतरिम आदेश करिश्मा कपूर की निगरानी याचिका पर दिए हैं। कोर्ट ने करिश्मा कपूर के वकील को रेलवे कोर्ट के रिकार्ड की प्रमाणित प्रतियां पेश करने केनिर्देश देते हुए अगली सुनवाई एक अक्टूबर को तय की है। निगरानी याचिका में कहा है कि रेलवे कोर्ट ने 17 नवंबर,2009 को भी उक्त धाराओं में सारांश आरोप सुनाए थे। इस आदेश को 24 अप्रेल,2010 को एडीजे कोर्ट ने रद्द करते हुए माना था कि मामले में एक भी आरोप नहीं बनता है। विधिशास्त्र का स्थापित सिद्दांत है कि ऊपरी अदालत का आदेश अधीनस्थ अदालत पर बाध्यकारी होता है। इसके बावजूद रेलवे कोर्ट ने पुन: उन्हीं धाराओं मंे सारांश आरोप सुना दिए हैं अत: इस आदेश को रद्द किया जाए।

यह है मामला-

11 अप्रेल,1997 को नरेना रेलवे स्टेशन पर ट्रेन नंबर 2413 अप-लिंक एक्सप्रेस रुकी हुई थी। वहां सन्नी देओल, करिश्मा कपूर, टीनू वर्मा और सतीश शाह फिल्म बजरंग की यूनिट के साथ पहुंचे। इस दौरान किसी ने इमर्जेंसी चेन खींच कर ट्रेन को रोक दिया और रेलवे प्लेटफॉर्म पर भारी भीड़ एकत्रित हो गई थी और ट्रेन को रवाना होने में 25 मिनट की देरी हो गई थी।
स्टेशन मास्टर ने दर्ज कराया था मामला
इस संबंध में सहायक स्टेशन मास्टर सीताराम मालाकार ने फुलेरा के जीआरपी थाने में सन्नी देओल, करिश्मा कपूर, टीनू वर्मा और सतीश शाह के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा-141 में एफआईआर दर्ज करवाई थी। पुलिस ने जांच के बाद सबको क्लीन चिट देते हुए एफआर पेश कर दी थी। कोर्ट ने 10 फरवरी,1998 को एफआर अस्वीकार कर रेलवे एक्ट की धारा-141,145,146 और 147 में प्रसंज्ञान लेकर चारों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए थे।

हाईकोर्ट ने लगाई थी गिरफ्तारी पर रोक

सन्नी देओल व करिश्मा कपूर की याचिका पर हाईकोर्ट ने 7 मार्च,1998 को गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी थी। 2009 में हाईकोर्ट ने रेलवे कोर्ट के प्रसंज्ञान आदेश को रद्द करने से इनकार कर दिया और दोनों को रेलवे कोर्ट में पेश होकर जमानत करवाने की छूट दी थी।

रेलवे कोर्ट को दिए थे पुन: सुनवाई के आदेश
रेलवे कोर्ट ने 17 नवंबर,2009 को सारांश आरोप सुना दिए थे। 21 अप्रेल, 2010 को एडीजे कोर्ट ने रेलवे कोर्ट के आदेश को रद्द कर रेलवे कोर्ट को मामले में पुन: सुनवाई करने के निर्देश दिए थे। तभी से मामला रेलवे कोर्ट में लंबित चल रहा था। 17 सितंबर,2019 को रेलवे कोर्ट ने फिर से सन्नी देओल और करिश्मा कपूर के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 141,145,146 और 147 में सारांश आरोप उनके वकील को सुनाए थे और अभियोजन को गवाह पेश करने के निर्देश दिए थे।

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