स्टोन इकाइयों में गूंजने लगी छैनी-हथौड़ी की आवाज

राजस्थान की स्टोन आधारित इकाइयों में छेनी और हथौड़ी का जादू चल निकला है। अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया है कि प्रदेश के सिकंदरा, कोटा, झालावाड़, करौली, बयाना, धौलपुर, जैसलमेर आदि स्थानों पर परंपरागत स्टोन आधारित अधिकांश इकाइयों में काम शुरू हो गया है।

By: chandra shekar pareek

Published: 29 May 2020, 12:50 AM IST

उन्होंने बताया कि राज्य में औद्योगिक गतिविधियां सामान्य होने की दिशा में बढऩे लगी है और 35 हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयां शुरू हो गई हैं।
औद्योगिक इकाइयों से स्थितियां होंगी सामान्य
एसीएस उद्योग डॉ. अग्रवाल ने बताया कि टैक्सटाइल सेक्टर, ऑयल सेक्टर, सीमेंट सेक्टर, आटा-दाल, मसाला मिलों, फार्मा सेक्टर के साथ ही स्टोन सेक्टर की इकाइयों के आरंभ होना प्रदेश की औद्योगिक गतिविधियों के सामान्य स्तर की ओर बढऩे का संकेत है।
बड़ी संख्या में श्रमिकों को मिला रोजगार
उन्होंने बताया कि स्टोन सेक्टर में अधिकांश संख्या में स्थानीय श्रमिक होने से स्थानीय स्तर पर ही श्रमिक रोजगार से जुडऩे लगे हैं। उन्होंने बताया कि स्टोन इकाइयों में गेंगसा, कटर मशीनों की घनघनाहट शुरु होने लगी है। राजस्थान के पत्थर उद्योग की समूचे विश्व में पहचान के साथ ही मांग भी है।
लॉकडाउन को ओपनिंग वन बनाकर काम
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के संवाद का परिणाम रहा है कि राज्य में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आई है। आयुक्त उद्योग मुक्तानन्द अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश में लॉकडाउन-4 को ओपनिंग-1 के रूप में लेते हुए औद्योगिक निवेश बढ़ाने और स्थानित इकाइयों में औद्योगिक गतिविधियों को सामान्य स्तर पर लाने के समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।
कलात्मक कारीगरी ने फिर पकड़ी रफ्तार
अग्रवाल ने बताया कि दौसा के सिकंदरा में स्टोन का काम कर रही आधी से अधिक इकाइयों में छेनी-हथौड़ी का जादू चल निकला है। उन्होंने बताया कि करौली के हल्के लाल पत्थर पर आकर्षक जाली-झरोखे, छतरियां, मूर्तियां, फव्वारे, डिजाइनर पिलर और पत्थर के मुंह बोलते अन्य डेकोरेटिव उत्पादों को घडऩे का काम शुरू हो गया है।
पूर्वी राजस्थान के जिलों में पत्थर का काम
इसी तरह से करौली में परंपरागत सेंड स्टोन की 150 में से 140 इकाइयों में चौखट, जाली-झरोखे, स्लेब्स आदि का काम शुरू हो गया है। भरतपुर बयाना के बंशीपहाड़पुर पत्थर की रीको औद्योगिक क्षेत्र, आईआईडी और आसपास की करीब 200 इकाइयों में से 160 इकाइयोंं में काम शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि इसी तरह से धौलपुर की 85 पत्थर की इकाइयों में काम होने लगा है।
मजदूरों का गांवों की ओर पलायन रुकेगा
आयुक्त अग्रवाल ने बताया कि विश्वविख्यात कोटा स्टोन की इकाइयों में उत्पादन शुरू होने से क्षेत्र के श्रमिकों को रोजगार मिलने लगा है। उन्होंने बताया कि कोटा स्टोन की झालावाड़ की 400 इकाइयों और कोटा मेें 260 इकाइयोंं में काम शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि स्टोन उद्योग से अधिकांश स्थानीय लोग ही जुड़े हुए हैं, ऐसे में स्थानीय स्तर पर रोजागर के बेहतर अवसर होने से श्रमिकोंं का गांवों की और पलायन भी रुकेगा और श्रम शक्ति उत्पादकता से जुड़ेगी।

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chandra shekar pareek Desk/Reporting
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