अगर आप भी कर रहे हैं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, तो आपके लिए है अच्छी खबर

अगर आप भी कर रहे हैं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, तो आपके लिए है अच्छी खबर

Nidhi Mishra | Publish: Jul, 20 2019 04:14:47 PM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए राज्य सरकार की तरफ से एक अच्छी खबर है।

जयपुर। प्रतियोगी परीक्षाओं ( Competitive Exmas ) में आने-जाने के लिए राज्य सरकार ( Ashok Gehlot government ) युवाओं को रोडवेज बसों ( rajasthan roadways ) में नि:शुल्क सफर की सुविधा दे सकती है। इससे सरकार पर सालाना करीब 91 करोड़ रुपए का भार आएगा। हालांकि भर्ती परीक्षाओं के साक्षात्कार में आने-जाने वाले अभ्यर्थियों को पूर्ववर्ती भाजपा सरकार रोडवेज बसों में नि:शुल्क सुविधा का लाभ दे चुकी है। लेकिन यह संख्या भर्ती परीक्षाओं के मुकाबले नाममात्र की है। ऐसे में सरकार खर्च को लेकर मंथन कर रही है।

 


सूत्रों के मुताबिक पिछले दिनों सरकार ने युवाओं को बड़ी राहत देने के लिए रोडवेज प्रशासन से आर्थिक भार संबंधी जानकारी मांगी थी। रोडवेज ने गणना में करीब 100 करोड़ सालाना आर्थिक भार माना है। हालांकि रोडवेज ने सरकार को 91 करोड़ का आंकड़ा भेजा है। यह जानकारी राज्य बजट की तैयारी के दौरान मांगी गई, लेकिन बजट में इसे शामिल नहीं किया गया।

 

 

 

फेल विद्यार्थी पढ़ सकेंगे नियमित, लेनी होगी एनओसी
उधर, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं व 12वीं कक्षा में फेल होने वाले विद्यार्थी बतौर नियमित विद्यार्थी स्कूल में पढ़ाई कर परीक्षा दे सकेंगे। इससे कई विद्यार्थियों को राहत मिलेगी, लेकिन ऐसे विद्यार्थियों के लिए संबंधित स्कूल को सीबीएसई से एनओसी लेनी जरूरी होगी। इस आदेश से ऐसे विद्यार्थियों को राहत मिलेगी, जिन्हें प्राइवेट विद्यार्थी के तौर पर पंजीकृत होकर परीक्षा देनी पड़ती थी।

 


अब तक 10वीं और 12वीं में फेल छात्र प्राइवेट छात्र के तौर पर परीक्षा देते रहे हैं। इन्हें स्कूल जाने की बजाय सालभर अपने स्तर पर तैयारी करनी पड़ती थी। ऐसे विद्यार्थी अब स्कूल में पढ़ाई कर सकेंगे। विद्यार्थी कक्षा में नामांकन भी ले पाएंगे। विभागीय जानकारों के अनुसार इस संबंध में पहले भी संबंधित शिक्षण संस्थानों को स्वविवेक के आधार पर स्वीकृति लेने के लिए कहा गया था, लेकिन विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं मिलता था।

 


भेजनी होनी पुन: प्रवेशित विद्यार्थियों की संख्या
सीबीएसई परीक्षा में फेल होने के बाद दोबारा प्रवेशित छात्रों की संख्या क्षेत्रीय बोर्ड कार्यालय में भेजनी होगी। इसमें फेल हुए प्रति छात्र का कारण लिखित में बताना होगा। इसके बाद ही बोर्ड उन्हें एनओसी देकर परीक्षा के लिए रोल नंबर जारी करेगा। परीक्षा पास करने पर उनके प्रमाण पत्र या अंकतालिका में प्राइवेट शब्द नहीं लिखा जाएगा, जबकि पहले प्राइवेट शब्द लिख दिया जाता था।

 


इनका कहना है...
10वीं एवं 12वीं बोर्ड की परीक्षा में फेल विद्यार्थी दोबारा संबंधित स्कूल में नामांकन लेकर नियमित विद्यार्थी के तौर पर बोर्ड परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। इसके लिए संस्थान को सीबीएसई ने एनओसी लेने की शर्त लगा दी है। संस्थान को बताना होगा कि परीक्षार्थी फेल क्यों हुए हैं।
मनीष पारीक, कलस्टर इंचार्ज एवं प्रधानाचार्य, विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल, नागौर

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