एनएसयूआई की सरकार से मांग, बिना परीक्षा प्रमोट किए जाएं छात्र

कोरोना संकट ( Corona crisis ) के चलते छात्रसंगठन विद्यार्थियों को बिना परीक्षा लिए ही अगली कक्षा में प्रमोट करने ( promote the students in the next class without taking the exam ) की मांग कर रहे हैं।

By: Ashish

Published: 17 Jun 2020, 04:33 PM IST

जयपुर
Promote the students in the next class without taking the exam : कोरोना संकट ( Corona crisis ) के चलते छात्रसंगठन विद्यार्थियों को बिना परीक्षा लिए ही अगली कक्षा में प्रमोट करने ( promote the students in the next class without taking the exam ) की मांग कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर अभियान चलाने ( campaign on social media ) के साथ ही छात्र प्रतिनिधि अब प्रमोट करने के लिए अब अधिक एक्टिव हो गए हैं। यूनिवर्सिटी और कॉलेज स्टूडेंट्स की ओर से राज्य सरकार से मांग की जा रही है कि कोरोना संकट से उपजी स्थितियों को देखते हुए उन्हें बिना किसी परीक्षा के अगली कक्षा में प्रमोट किया जाए। राज्य के कौशल विश्वविद्यालय ने इस संबंध में निर्णय लेते हुए छात्रों को राहत दी है, लेकिन अन्य कई विश्वविद्यालयों में प्रमोट करने की बजाय छात्रों को अस्थाई रूप से अगली कक्षा में प्रोविजनल प्रवेश देने के निर्णयों पर छात्र प्रतिनिधियों की ओर से आपत्ति जताई जा रही है।

दरअसल, उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश पर उच्च शिक्षण संस्थान फिर से शुरू हो गए हैं। विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई, परीक्षाओं, प्रवेश संबंधी तैयारियां की जा रही हैं। राजस्थान विश्वविद्यालय की बात करें तो जुलाई के दूसरे सप्ताह से यूजी, पीजी और सेमेस्टर के फाइनल ईयर की परीक्षा आयोजित करवाने की तैयारी की जा रही है। वहीं, छात्र प्रतिनिधि परीक्षाएं करवाने के विरोध में उतरने लगे हैं। छात्र संगठन एनएसयूआई ने बुधवार को राजस्थान विश्वविद्यालय में यह मांग उठाई की राज्य के सभी विश्वविद्यालय और कॉलेजों के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के लिए अगली कक्षा में प्रमोट किया जाए। सरकार से छात्रों का मकान किराया माफ करने, सेमेस्टर फीस माफ करने जैसी मांग भी उठाई जा रही हैं।

मांग नहीं मानी तो अदालत की शरण
छात्र संगठन एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यू पूनिया ने साफ कर दिया है कि अगर सरकार ने कोरोना संकट से उपजी स्थितियों को ध्यान में रखते हुए छात्रों को बिना परीक्षा के अगली कक्षा में प्रमोट नहीं किया तो छात्र न केवल इसका विरोध करेंगे बल्कि न्यायालय की शरण भी लेंगे। वहीं एनएसयूआई के प्रवक्ता रमेश कुमार भाटी का कहना है कि कोरोना संकट को देखते हुए विद्यार्थियों को प्रमोट किया जाना चाहिए। अगर विद्यार्थी एक जगह एकत्रित होते हैं तो इससे ये संक्रमण सभी में फैलने की आशंका बनी रहेगी। इसके साथ ही लॉक डाउन के चलते लोगों के आर्थिक हालात बिगड़ गए हैं, जिसके चलते ना तो वो हॉस्टल की फीस भरने में समर्थ हैं और ना ही मकान का किराया देने में। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार को छात्र हित में कदम उठाना चाहिए।

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