प्रवेश नीति के लिए नहीं दिए सुझाव, अब हो सकती है कार्रवाई

हर कॉलेज से सुझाव भेजने जरूरी, सत्र 2020—21 के लिए मांगे हैं सुझाव, ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के संबंध में मांगे हैं सुझाव

जयपुर। प्रदेशभर के कॉलेजों में प्रवेश के लिए प्रवेश नीति बनाई जानी है। इसके लिए कॉलेज शिक्षा विभाग ने सभी कॉलेजों से सुझाव आमंत्रित किए थे, लेकिन अधिकांश कॉलेजों ने विभाग को सुझाव ही नहीं दिए, अब कॉलेज शिक्षा विभाग बिना सुझावों के प्रवेश नीति बनाए तो आखिर कैसे, इसे लेकर विभाग परेशान हो रहा है। अब विभाग ने एक बार फिर सभी कॉलेजों से सत्र 2020—21 के लिए राज्य की प्रवेश नीति के संबंध में सुझाव मांगे हैं।

कॉलेजों में प्रवेश के लिए राज्य की प्रवेश नीति का निर्धारण कॉलेज आयुक्तालय की ओर से किया जाता है। इसके लिए कॉलेज शिक्षा विभाग ने एक बार फिर से कॉलेजों से सुझाव मांगे हैं। गौरतलब है कि सत्र 2019—20 की प्रवेश नीति में कई खामियां रहीं, जिसकी वजह से विद्यार्थियों को प्रवेश लेने में परेशानी भी हुई। कई जगहों पर तो सीट भी खाली रह गई। वहीं कई कॉलेजों में पात्र विद्यार्थी प्रवेश के लिए भटकते रहे। अब ऐसा नहीं हो और ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया में विद्यार्थियों को कठिनाईयों को सामना नहीं करना पड़े इसके लिए नई प्रवेश नीति बनाई जाएगी। यह प्रवेश नीति सत्र 2020—21 के लिए ही होगी। अब कॉलेज प्राचार्य 20 फरवरी तक कॉलेज आयुक्तालय के संयुक्त निदेशक अकादमिक की मेल पर ये सुझाव भेज सकते हैं। सुझाव ऐसे होने चाहिए, जिन पर विभाग कार्रवाई कर सके। सभी कॉलेजों से सुझाव मिलने के बाद विभाग एक एक्सपर्ट पैनल तैयार करेगा और वे इन पर चर्चा कर नई प्रवेश नीति तैयार करेंगे। प्रवेश नीति जल्द ही तैयार की जाएगी, जिससे प्रवेश समय पर हो सकें।

MOHIT SHARMA Desk
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