शीतला के दरबार में आस्था का सैलाब

नागौरीगेट के बाहर कागा तीर्थ स्थित शीतला माता मंदिर में शुक्रवार को आस्था का सैलाब उमड़ा। अलसुबह से ही जोधपुर जिले सहित शहर के कोने-कोने से श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम देर शाम तक अनवरत जारी रहा।

By: Harshwardhan bhati

Published: 01 Apr 2016, 11:37 PM IST

नागौरीगेट के बाहर कागा तीर्थ स्थित शीतला माता मंदिर में शुक्रवार को आस्था का सैलाब उमड़ा। अलसुबह से ही जोधपुर जिले सहित शहर के कोने-कोने से श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम देर शाम तक अनवरत जारी रहा।

श्रद्धालुओं ने मां शीतला के दरबार में पूजन व शीश नवाकर पारिवारिक सदस्यों के व्यवहार में शीतलता एवं शिशुओं को ओरी-अचपड़ा सहित चर्म संबंधी बीमारियों से संरक्षण प्रदान करने की मनौती मांगी।

देर रात एक बजे से ही शहर के विभिन्न मोहल्लों-कॉलोनियों से महिलाओं के समूह मंगल गीत गाते हुए माता शीतला के दर्शनार्थ पहुंचने शुरू हो गए। नवजात शिशुओं की माताओं में नौनिहालों को शीतला माता का चरणामृत 'खोळ' पिलाने की होड़ सी रही। नौ पुजारियों के 4 समूह ने 2-2 घंटे के अंतराल में निरंतर 24 घंटे सेवाएं दी।

मंडोर ,महामंदिर से पहुंचे गेर दलों का स्वागत

मंडोर व महामंदिर क्षेत्र सहित जोधपुर के आस पास ग्रामीण अंचल से करीब 50 से अधिक गेर समूह चंग, ढोल, थाली की धुनों पर नृत्य करते हुए समूह के रूप में शीतला माता दर्शन के लिए पहुंचे।

मंडोर के बड़ा बेरा, गोपीबेरा, भाखर बेरा, मगरा पूंजला, खोखरिया, नयापुरा, जाटाबास, महामंदिर, गहलोतों का बास, जूनी बागर, इमरतियां बेरा से आकर्षक वेशभूषा में पहुंचे गेर समूह का शीतला माता (कागा तीर्थ ) ट्रस्ट के अध्यक्ष माधोसिंह कच्छवाह, सचिव नरपतसिंह गहलोत व मेला अधिकारी कुलदीप गहलोत ने स्वागत किया। रंग-बिरंगे साफे पहने गेरियों से सजी महामंदिर की गेर के आगे ऊंट पर सवार राव राजा के रूप में सवार गेर आकर्षक रही। 

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Harshwardhan bhati Desk
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