Martand Saptami 2021 राजकीय अनुग्रह, आरोग्य और यश-सम्मान के दाता हैं सूर्यदेव, ऐसे करें उनका पूजन

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By: deepak deewan

Updated: 20 Jan 2021, 09:15 AM IST

जयपुर. पौष शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मार्तंड सप्तमी मनाई जाती है। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि इस दिन व्रत रखकर सूर्यपूजा का विधान है। भगवान सूर्य के ही अनेक नामों में से मार्तंड भी एक है। भविष्य पुराण के अनुसार पौष मास में पड़ने वाली मार्तंड सप्तमी वस्तुतः भगवान सूर्य के आविर्भाव का दिन है। जब सारी सृष्टि में अंधकार छाया हुआ था तब सूर्य देव ने स्वयं तपकर सृष्टि को प्रकाश देना स्वीकार किया था।

सनातन धर्म में सात का अंक विशेष शुभ माना जाता है। ज्योतिष में भी इस अंक का बहुत महत्व है। ज्योतिष ग्रंथों के अनुसार जिन जातकों का जन्म सप्तमी को होता है वे विशेष योग और गुण से युक्त होते हैं। सूर्यदेव को सप्तमी तिथि विशेष प्रिय है। जब सभी देवी.देवताओं को तिथियां बाटीं जा रही थीं तब सूर्य देव ने सप्तमी तिथि चुनी। यही कारण है कि मार्तंड सप्तमी के दिन सूर्य पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। इस दिन संभव हो तो बिना नमक का भोजन करें और जरूरतमंदों को दान दें।

ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार सूर्य देव राजकीय अनुग्रह, आरोग्य और यश-सम्मान के दाता हैं। मार्तण्ड सप्तमी पर नित्य क्रिया स्नानादि से निवृत होकर सूर्योदय के समय सूर्य भगवान को से अर्घ्य देना चाहिए। इसके बाद व्रत रखने और पूजा करने का संकल्प लेकर सूर्य देव की पूजा करनी चाहिए। इस व्रत रखते हुए सात्विक आहार-विहार रखना चाहिए। इस दिन आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ बहुत फलदायी होता है. संभव हो तो इसका तीन बार पाठ करें. इसमें बमुश्किल आधा घंटे लगेंगे पर इससे सूर्यदेव का आशीर्वाद जरूर प्राप्त होगा।

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