Tula Sankranti 2020 उच्च पद, राजकीय कार्य, राजनीति और यश—सम्मान के कारक हैं सूर्य देव, ऐसे प्राप्त करें उनका आशीर्वाद

17 अक्टूबर 2020 शनिवार का दिन धर्म—कर्म के लिहाज से बहुत विशेष है। इस दिन शारदीय नवरात्र प्रारंभ हो रहे हैं, साथ ही सूर्य संक्रांति भी हैं। सूर्य संक्रांति नवग्रहों के राजा सूर्यदेव के राशि परिवर्तन का दिन है। इस दिन सूर्य देव का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश होता है.

By: deepak deewan

Updated: 17 Oct 2020, 11:23 AM IST

जयपुर. 17 अक्टूबर 2020 शनिवार का दिन धर्म—कर्म के लिहाज से बहुत विशेष है। इस दिन शारदीय नवरात्र प्रारंभ हो रहे हैं, साथ ही सूर्य संक्रांति भी हैं। सूर्य संक्रांति नवग्रहों के राजा सूर्यदेव के राशि परिवर्तन का दिन है। इस दिन सूर्य देव का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश होता है.

ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि सूर्य के राशि परिवर्तन का दिन यानि सूर्य संक्रांति सूर्यदेव की कृपा प्राप्ति का दिन होता है. इस दिन सूर्य आराधना विशेष फलदायी होती है. 17 अक्टूबर को सुबह 7.05 बजे सूर्य तुला राशि में प्रवेश कर चुके हैं. वे अब 16 नवंबर तक इसी राशि में रहेंगे. तुला संक्रांति के इस मौके पर सूर्य देव की पूजा जरूर करना चाहिए.

शारदीय नवरात्र और सूर्य संक्रांति का यह संयोग बहुत शुभदायक साबित होगा। दुर्गापूजा के साथ ही आज सूर्यदेव की पूजा बहुत फलदायी होगी। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार सूर्य देव राजकीय कार्यों, उच्च पदों, राजनीति और यश—सम्मान के कारक हैं. उनकी विधिवत पूजन-अर्चना से राज्य अनुग्रह प्राप्त होता है।

आज स्नान करने के बाद सूर्य को अर्घ्य दें. आज आदित्य ह्रदय स्तोत्र का तीन बार पाठ करें। हर बार पाठ पूर्ण होने पर सूर्यदेव को अर्घ्य जरूर दें। आज के दिन विश्वासपूर्वक सूर्यपूजा करने और आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ करने से सूर्यदेव का आशीर्वाद जरूर मिलेगा, यह तय है।

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