कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों पर सरकार के आदेशों की मार, किसान सम्मेलन पर सस्पेंस

-11 जिलों में धारा 144 के लागू होने से सांकेतिक विरोध को मजबूर कांग्रेस, सोमवार को पीसीसी से राजभवन तक का पैदल मार्च हुआ था स्थगित, अब 2 और 10 अक्टूबर को होने वाले विरोध प्रदर्शनों पर संशय के बादल, कृषि अध्यादेशों के विरोध में कांग्रेस ने शुरू किया है विरोध पखवाड़ा

By: firoz shaifi

Published: 29 Sep 2020, 10:04 AM IST

जयपुर। कृषि अध्यादेशों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी की ओर से शुरू किए गए विरोध पखवाड़े के तहत होने वाले विरोध प्रदर्शनों पर अब सरकार के आदेशों की ही मार पड़ रही है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के चलते 11 जिलों में लागू की गई धारा 144 के कारण के कांग्रेस को सांकेतिक विरोध प्रदर्शनों का ही सहारा लेना पड़ रहा है।

धारा 144 के चलते सोमवार प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से राजभवन तक होने वाले पैदल मार्च को स्थगित करना पड़ा था। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह होटासरा ने ही राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें कृषि अध्यादेशों के विरोध में ज्ञापन दे पाए।

अब धारा 144 का असर कांग्रेस के आगे आने वाले कार्यक्रमों पर भी देखने को मिल सकता है। दरअसल विरोध पखवाड़े के तहत 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर किसान मजदूर बचाओ दिवस कार्यक्रम है जो प्रदेश भर में मनाया जाएगा तो वहीं 10 अक्टूबर को प्रदेश स्तरीय किसान सम्मेलन का आयोजन होना है।

ऐसे में निषेधाज्ञा लागू होने के चलते किसान मजदूर बचाओ दिवस पर संशय के बादल हैं। कांग्रेस हलकों में भी इन्हें लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। चर्चा इस बात की है आगे प्रस्तावित कार्यक्रम होंगे भी या नहीं, या फिर इन्हें भी सांकेतिक तौर मनाकर खानापूर्ति कर ली जाएगी।

राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन पर सस्पेंस
वहीं 10 अक्टूबर को प्रदेश कांग्रेस की ओर से कृषि अध्यादेशों के खिलाफ प्रदेश स्तरीय किसान सम्मेलन का आयोजन होना है लेकिन जयपुर सहित 11 जिलों में निषेधाज्ञा लागू होने के चलते अब इसके आयोजन पर भी संशय के बादल मंडरा रहे हैं, प्रदेश स्तरीय सम्मेलन कहां होगा ये भी अभी तय नहीं है।

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