swachh-survekshan-2021 : उपयोग किए मास्क, डायपर, सैनिटरी नैपकिन करने होंगे घरेलू कचरे से अलग

स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 (swachh survekshan 2021) शुरू हो चुका है। नगर निगम जयपुर (Municipal Corporation Jaipur) ने इसकी तैयारी शुरू की है। कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए इस बार घरेलू हानिकारक कचरे (सीएफएल, सिरिंज, मास्क, डायपर, सेनेटरी नेपकिन आदि) को भी गीले और सूखे कचरे की तरह अलग रखना होगा। स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में इस व्यवस्था को अनिवार्य किया गया है।

By: Girraj Sharma

Published: 31 Jul 2020, 07:44 PM IST

उपयोग किए मास्क, डायपर, सैनिटरी नैपकिन करने होंगे घरेलू कचरे से अलग
— स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में किया जरूरी
— गीला—सूखा कचरा के साथ घरेलू हानिकारक कचरे का भी करना होगा पृथक्करण
जयपुर। स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 (swachh survekshan 2021) शुरू हो चुका है। नगर निगम जयपुर (Municipal Corporation Jaipur) ने इसकी तैयारी शुरू की है। कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए इस बार घरेलू हानिकारक कचरे (सीएफएल, सिरिंज, मास्क, डायपर, सेनेटरी नेपकिन आदि) को भी गीले और सूखे कचरे की तरह अलग रखना होगा। स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में इस व्यवस्था को अनिवार्य किया गया है। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने वाले हूपरों में भी गीले और सूखे कचरे के साथ हानिकारक कचरे को इकट्ठा करने की अलग से व्यवस्था होगी।

स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 को लेकर हेरिटेज नगर निगम जयपुर और जयपुर ग्रेटर नगर निगम ने तैयारी शुरू कर दी है। आयुक्त दिनेश कुमार यादव और लोकबन्धु ने संयुक्त रूप से शुक्रवार को अधिकारियों और बीवीजी कम्पनी के प्रतिनिधियों की बैठक ली। इसमें बीवीजी कंपनी के प्रतिनिधियों को हूपरों में यह व्यवस्था जल्द शुरू करवाने के निर्देश दिए।

मुख्य काॅमर्शियल एरिया व बाजारों में शुरू होगी नाइट स्वीपिंग

शहर के मुख्य बाजारों और कॉमर्शियल एरिया में फिर से नाइट स्वीपिंग शुरू होगी। दोनों आयुक्तों ने सभी जोन उपायुक्तों और स्वास्थ्य निरीक्षकों को नाइट स्वीपिंग शुरू करने के निर्देश दिए है। लाॅकडाउन के बाद नाइट स्वीपिंग बंद सी हो गई है। अब स्वच्छ सर्वेक्षण के साथ ही इसे शुरू करने की याद आ गई।

दोनों निगमों का बन रहा सिटी प्रोफाइल
स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में नगर निगम जयपुर ग्रेटर और हेरिटेज नगर निगम अलग—अलग भागीदारी निभाएगी। इसे देखते हुए दोनों निगमों का अलग-अलग सिटी प्रोफाइल तैयार किया जा रहा है। इसके लिए सभी जोन उपायुक्तों को डेटा फिडिग करवाने के निर्देश दिये गये हैं। उपायुक्तों से प्राप्त जानकारी के आधार पर दोनों निगमों का सिटी प्रोफाइल तैयार किया जाएगा। सिटी प्रोफाइल में उस निगम के आवासीय, व्यावसायिक, सार्वजनिक क्षेत्रों की जानकारी के साथ-साथ वार्डो, जनसंख्या, पर्यटन स्थलों, पार्कों, सार्वजनिक शौचालयों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टेण्ड आदि की जानकारी शामिल की जाएगी।

Girraj Sharma Desk
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