स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल: कब होगी शिक्षकों की नियुक्ति


जून में हुए थे साक्षात्कार
सफल अभ्यार्थियों को अब तक नहीं मिली नियुक्ति

By: Rakhi Hajela

Updated: 05 Sep 2020, 01:45 PM IST

राज्य सरकार ने प्रदेश के पिछड़े और सुदूर इलाकों के बच्चों तक शिक्षा की अलख पहुंचाने के लिए स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल तो खोले दिए लेकिन इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति अब तक नहीं की जा सकी है। जानकारी के मुताबिक पछड़े और सुदूर इलाकों में स्थापित प्रदेश के १३४ ब्लॉकों में स्थित स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूलों में १३०९ रिक्त पदों और १८७ संभावित रिक्त पदों को मिलाकर कुल १४९६ पदों के लिए विभाग ने २२ से २७ जून विभाग ने ऑनलाइन साक्षात्कार लिए थे। इन स्कूलों में कार्य करने के लिए शिक्षक और मंत्रालयी वर्ग के व्यक्तियों ने
साक्षात्कार दिया।
जानकारी के मुताबिक मॉडल विद्यालयों में साक्षात्कार के लिए प्रदेश भर से ३ हजार ५०० आवेदन प्राप्त हुए थे। जिनमें से निर्धारित मानदंडों और योग्यता के आधार पर उत्कृष्ट शिक्षकों के ऑनलाइन साक्षात्कार कर चयन भी कर लिया गया। शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना भी कर ली लेकिन, इतना समय गुजरने के बाद भी सफल अभ्यार्थियों को नियुक्ति नहीं दी गई है।

रिजल्ट जारी करने की मांग
राजस्थान प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षक संघ ने रिजल्ट जारी करने की मांग की है। संघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने कहा कि विवेकानंद मॉडल स्कूलों के लिए साक्षात्कार लिए हुए दो माह से अधिक हो गए लेकिन विभाग ने अब तक रिजल्ट जारी नहीं किया है। जिससे शिक्षक परेशान हो रहे हैं। विभाग को जल्द परिणाम जारी करना चाहिए।

क्या हैं मॉडल स्कूल ?
वर्तमान युग में शिक्षा के क्षेत्र में वैज्ञानिक एवं तकनीकी मूल्यों को समावेशित करते हुए 14 से 18 आयु वर्ग के शैक्षणिक स्तर को वर्तमान परिदृश्य के अनुसार किस प्रकार से सक्षम किया जा सकता है इसी बात को ध्यान में रखते हुए पिछड़े ब्लॉक्स में केंद्र सरकार की ओर से मॉडल स्कूल स्थापित किए जाने की एक परिकल्पना तैयार की गई। जिससे वर्तमान शिक्षा के क्षेत्र में आने वाले आमूलचूल परिवर्तन से वर्तमान पीढ़ी को जोड़ कर रखा जा सके। मॉडल स्कूल शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े उन ब्लॉकों में स्थापित किए गए विद्यालय हैं। जहां शिक्षा का स्तर काफी न्यून है। इन स्कूलों में भौतिक सुविधाएं केंद्रीय और नवोदय विद्यालय के समकक्ष होती हैं। स्कूलों में छात्र शिक्षक अनुपात एक आदर्श स्थिति में होता है। आधुनिकतम सूचना तथा संचार प्रौद्योगिकी का उपयोग, सृजनात्मक, शैक्षिक वातावरण,उपयुक्त पाठ्यचर्या एक निर्धारित मानदंड के अनुसार होंगे और विद्यार्थियों के चहुमुखी विकास पर विशेष बल देते हुए उनका सर्वांगीण विकास किया जाएगा, यह विद्यालय गुणवत्ता मानकों की दृष्टि से केंद्रीय विद्यालय के समान ही होंगे।

मॉडल स्कूल की विशेषताएं:
शैक्षिक विकास के अतिरिक्त शारीरिक भावनात्मक और कलात्मक विकास भी सम्मिलित होगा
स्कूलों में एससी, एसटी के साथ ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग की बालक बालिकाओं सहित वंचित वर्ग को समुचित प्राथमिकता दी जाएगी
मॉडल स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक अध्ययन. अध्यापन का प्रावधान एवं सह.शिक्षा की व्यवस्था होगी
स्कूलों में संचार प्रौद्योगिकी इंटरनेट पूर्णकालिक कंप्यूटर शिक्षक उपलब्ध होंगे
विज्ञान गणित और अंग्रेजी भाषा में शिक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा
मॉडल स्कूलों में इंग्लिश स्पीकिंग स्किल विकसित करने के लिए विशेष प्रावधान
भारतीय कला और विरासत ही नहीं चित्र कला और संगीत इत्यादि पर भी विशेष ध्यान दिया
मॉडल स्कूलों में किसी भी परिस्थिति में छात्र अनुपात 1: 40 से अधिक नहीं होगा ।
मॉडल स्कूलों में निशक्त बच्चों की आवश्यकता को पूरा करने की सुविधाएं
विशेष शिक्षकों की भी अलग से व्यवस्था

Rakhi Hajela Desk
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