महासंघ एकीकृत की वेतन विसंगति समिति से वार्ता


कार्मिकों की विभिन्न मांगों पर हुई चर्चा

By: Rakhi Hajela

Published: 21 Sep 2021, 08:52 PM IST


जयपुर । सेवानिवृत्त आईएएस खेमराज चौधरी की अध्यक्षता में गठित कर्मचारी वेतन विसंगति परीक्षण समिति की मंगलवार को अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता हुई। महासंघ एकीकृत के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि हेमराज चौधरी की कमेटी से वित्त विभाग के 30 अक्टूबर 2017 के वेतन कटौती के आदेश को निरस्त करना, ग्रेड पे 2400 व 2800 के लिए बनाए गए पे. लेबल को समाप्त कर केंद्र के अनुरूप पे मैट्रिक्स निर्धारित करने पर चर्चा की गई। इसके साथ ही चयनित वेतनमान का परिलाभ 9 ,18 व 27 वर्ष के स्थान पर 8,16, 24 व 32 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने पर पदोन्नति पद के समान देना एवं मंत्रालयिक एवं अधीनस्थ कर्मचारियों के लिए स्टेशनरी भत्ता संवेदन मत से पारित करने के आदेश बहाल करने को लेकर भी बात की गई। इनके अलावा दो से अधिक संतान होने के कारण पदोन्नति से 5 वर्ष व 3 वर्ष वंचित किए जा चुके राज्य कर्मचारियों को उनकी पदोन्नति के बाद वरिष्ठता प्रदान करने और बजट घोषणा के अनुरूप केंद्र की तर्ज पर बहुउद्देशीय कार्मिक का पद सृजित कर सहायक कर्मचारियों को समायोजित करने की मांग पर भी महासंघ ने अपना पक्ष कमेटी के समक्ष रखा। राठौड़ ने बताया कि महासंघ एकीकृत से संबद्ध जिन संगठनों ने अपने प्रतिवेदन दिए थे, वह सभी हेमराज चौधरी की अध्यक्षता में गठित कमेटी को प्रस्तुत कर दिए गए हैं। कमेटी ने इन सभी संगठनों को वार्ता के लिए शीघ्र आमंत्रित करने का महासंघ को आश्वासन दिया है। वार्ता में कर्मचारी वेतन विसंगति परीक्षा समिति की ओर से अध्यक्ष हेमराज चौधरी, सदस्य विनोद पंड्या और सदस्य सचिव सुरेश कुमार वर्मा ने भाग लिया। वहीं दूसरी ओर महासंघ एकीकृत की ओर से प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ के अलावा मुख्य महामंत्री राजेंद्र प्रसाद शर्मा, महामंत्री अमर जीत सिंह सैनी, प्रचार सचिव बाबूलाल शर्मा और पुष्पेंद्र सिंह ने भाग लिया।

Rakhi Hajela Desk
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