चुनावी साल में मय पर 'मंथली', आेवर रेट पर बिक्री, कहां जाएंगे 300 करोड़ रुपए?

चुनावी साल शराब-बीयर के शौकीनों पर भारी पड़ेगा।

By: santosh

Published: 24 May 2018, 08:08 AM IST

जयपुर। चुनावी साल शराब-बीयर के शौकीनों पर भारी पड़ेगा। उत्तरप्रदेश की तर्ज पर प्रदेश के ठेकेदारों को चुनावी साल में 300 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य सौंपा गया है। इसकी आड़ में ठेकेदारों ने अंग्रेजी शराब और बीयर पर अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से ज्यादा वसूली शुरू कर दी है। इस पूरे खेल पर आबकारी विभाग ने आंख बंद कर ली है।

 

इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए ठेकेदार की टीम ने हर अंग्रेजी शराब की दुकान से 10 से 15 हजार रुपए की 'मंथली' लेना शुरू कर दिया है। ठेकेदारों के मुताबिक ओवर रेट की कैंची से रोज 1 से 1.25 करोड़ रुपए की प्रदेश में वसूली होगी। विधानसभा चुनाव नवंबर में होंगे। ऐसे में नवंबर तक 7 माह में अंग्रेजी शराब के ठेकेदारों को करीब 250 करोड़ रुपए की 'मंथली' वसूल करसौंपनी है। बाकी 50 करोड़ देशी शराब ठेकेदारों से इस फंड में शामिल कर 300 करोड़ का लक्ष्य पूरा होगा। राज्य में अब सरपरस्ती में रोजाना करीब 15 करोड़ रुपए की अंग्रेजी शराब-बीयर बिक रही है।

 

यों सामने आया सच
एमआरपी से ज्यादा पैसा देकर शराब खरीदने वाले लोगों ने पत्रिका को बताया कि जब इस संबंध में शराब विके्रताओं से पूछा तो उन्होंने बोला कि ओवर रेट का पैसा वह घर नहीं ले जाएंगे। यह पैसा चुनावों के लिए देना है।

 

रेट कर दी राउंड फिगर में...
अंगे्रजी शराब व बीयर पर 10 से 20 रुपए तक अधिक वसूली हो रही है। कीमत को राउंड फिगर में कर दिया गया है। बीयर की एमआरपी 97 रुपए के आसपास है, पर इसके 110 से 120 रुपए तक लिए जा रहे हैं।

 

यूं समझे वसूली गणित...
1,000 राज्य में अंग्रेजी शराब दुकान
10 से 15 हजार तक हर दुकान से होगी वसूली
1 से 1.25 करोड़ तक रोज होगी वसूली
250 करोड़ के करीब नवंबर तक ओवर रेट से वसूली
50 करोड़ देशी शराब ठेकेदारों को भी देने होंगे

 

शराब से आय...
8,500 करोड़ का सालाना राजस्व सरकार को
6,000 करोड़ अंग्रेजी शराब व बीयर से
2,000 करोड़ देशी शराब से
500 करोड़ भांग व अन्य से
400 करोड़ का आकलन कर चुका विभाग

 

आबकारी विभाग में पिछले दो-तीन वर्ष में नई आबकारी नीति पर विचार में भी अंग्रेजी शराब व बीयर की कीमत 10 से 15 रुपए तक बढ़ाने पर 450 करोड़ रुपए से ज्यादा राजस्व में बढ़ोतरी का आकलन हुआ। इस हिसाब से देखा जाए तो चुनाव साल के इस सात माह में अवैध रूप से ओवर रेट वसूली से 250 करोड़ जमा होंगे।

 

कार्रवाई की होगी खानापूति...
आबकारी विभाग के अफसरों की शह पर ओवर रेट वसूली पर कार्रवाई की भी खानापूर्ति होगी। सूत्रों के मुताबिक गंभीर केस बनाने के बजाय मामूली केस में हल्का जुर्माना लेकर कार्रवाई की आशंका है। वैसे ओवर रेट वसूली पर जुर्माना या लाइसेंस निलंबन हो सकता है, लेकिन यह कार्रवाई नहीं होगी।

 

ओवर रेट लेने पर कार्रवाई की जा रही है। हाल ही कुछ शिकायतें आई थी, उन पर कार्रवाई की गई है।
- राजेश वर्मा, जिला आबकारी अधिकारी जयपुर

 

ग्राउंड जीरो
जवाहर नगर : गोल मार्केट
506 रुपए की प्रिंट रेट वाली अंग्रेजी शराब की बोतल पर दुकानदार ने 525 रुपए मांगे। रिपोर्टर ने जब प्रिंट रेट ही देने की बात कही तो दुकानदार ने मना कर दिया।

 

गोविंद मार्ग
605 रुपए की प्रिंट रेट वाली अंग्रेजी शराब की बोतल पर दुकानदार ने 730 रुपए मांगे। रिपोर्टर ने जब प्रिंट रेट ही देने की बात कही तो दुकानदार ने मना कर दिया।

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